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  • सोने से 7 गुना ज्यादा रिटर्न, चांदी से भी दोगुना आगे, क्या प्लैटिनम करेगी मालामाल?

    नई दिल्ली: बुधवार को सोने और चांदी की कीमत में काफी गिरावट आई। वहीं प्लैटिनम में जबरदस्त तेजी देखी गई। प्लैटिनम पिछले साल साल यानी 2025 से लगातार चमक रही है। बुधवार शाम 4 बजे तक एमसीएक्स पर सोने में आधा फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई। वहीं चांदी में डेढ़ फीसदी से ज्यादा


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    By Azad Hind Desk जनवरी 7, 2026
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    नई दिल्ली: बुधवार को सोने और चांदी की कीमत में काफी गिरावट आई। वहीं प्लैटिनम में जबरदस्त तेजी देखी गई। प्लैटिनम पिछले साल साल यानी 2025 से लगातार चमक रही है। बुधवार शाम 4 बजे तक एमसीएक्स पर सोने में आधा फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई। वहीं चांदी में डेढ़ फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। इसके उलट प्लैटिनम में बुधवार को 6 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई।

    पिछले साल यानी 2025 में ना केवल सोना बल्कि चांदी और प्लैटिनम ने भी जबरदस्त रिटर्न दिया था। साल 2025 में सोने में करीब 70 फीसदी की तेजी आई थी। वहीं चांदी में यह तेजी करीब 160 फीसदी से ज्यादा रही। इस दौरान प्लैटिनम धातु ने भी अपनी चमक बिखेरी और निवेशकों को करीब 140 फीसदी रिटर्न दिया। लेकिन साल 2026 के शुरुआती 7 दिनों में सोना और चांदी की चाल कुछ गड़बड़ नजर आ रही है। वहीं प्लैटिनम में तेजी बरकरार है।
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    7 दिनों में क्या स्थिति?

    साल 2026 के शुरुआती 7 दिनों में प्लैटिनम ने निवेशकों को खुश कर दिया है। इसने सोने और चांदी से कहीं ज्यादा रिटर्न दिया है। 31 दिसंबर को प्लैटिनम की कीमत 58,410 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। 7 जनवरी को शाम 4 बजे यह 67,530 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रही थी। ऐसे में 7 दिनों में इसका रिटर्न करीब 15.60 फीसदी रहा। वहीं इन 7 दिनों में सोने में दो फीसदी और चांदी में करीब 8 फीसदी की तेजी आई है। ऐसे में प्लैटिनम ने इन 7 दिनों में सोने के मुकाबले 7 गुना से ज्यादा रिटर्न दिया है। वहीं चांदी के मुकाबले इसका रिटर्न करीब दोगुना रहा।

    प्लैटिनम में क्यों आई तेजी?

    • दुनिया भर में प्लैटिनम की सप्लाई में लगातार कमी बनी हुई है। दक्षिण अफ्रीका, जो प्लैटिनम का सबसे बड़ा उत्पादक है। वहां उत्पादन में दिक्कतें आ रही हैं। इससे प्लैटिनम का स्टॉक कम हो गया है और कीमतों को जबरदस्त सहारा मिल रहा है।
    • प्लैटिनम अब रिटेल और संस्थागत निवेशकों का ध्यान खींच रहा है। ये निवेशक सोने और चांदी के अलावा अपने निवेश में विविधता लाना चाहते हैं।
    • प्लैटिनम से जुड़े एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETFs) में पैसा आ रहा है और सीधे प्लैटिनम की खरीद भी बढ़ रही है, जिससे इसकी कीमतों में और तेजी आई है।
    • प्लैटिनम गाड़ियों के कैटेलिटिक कन्वर्टर (प्रदूषण कम करने वाला यंत्र), औद्योगिक कामों और हाइड्रोजन फ्यूल-सेल जैसी नई तकनीकों के लिए बहुत जरूरी है। कुछ देशों में पुरानी पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों के इस्तेमाल की समय-सीमा बढ़ाने वाली सरकारी नीतियों ने औद्योगिक मांग को और बढ़ाया है।
    • चीन की तरफ से औद्योगिक और सट्टा दोनों तरह की बढ़ती मांग ने बाजार को गहराई दी है और वैश्विक कीमतों को तय करने में मदद की है। चीन के घरेलू एक्सचेंजों पर प्लैटिनम फ्यूचर्स के कारोबार ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।

    सोने-चांदी में गिरावट क्यों?

    हाल में सोने-चांदी की कीमत में भू-राजनीतिक तनाव के चलते काफी तेजी आई। दोनों धातुओं की कीमत रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। ऐसे में निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली के चलते सोने-चांदी की कीमत में बुधवार को गिरावट आई। हालांकि जानकारों के मुताबिक आने वाले समय में इन धातुओं की कीमत में तेजी देखी जा सकती है। वहीं प्लैटिनम की बढ़ती मांग और कम सप्लाई के कारण इसमें और तेजी देखी जा सकती है।

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