900 मिलियन डॉलर की डील
सोमालिया की स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह संभावित डील लगभग 900 मिलियन डॉलर की होगी, जो शीतयुद्ध के बाद देश का सबसे बड़ा डिफेंस इनवेस्टमेंट होगा। फाइटर जेट के लिए सोमालिया की पाकिस्तान से बातचीत क्षेत्र में बदलते गठबंधन को दिखाती है। सोमालिया सऊदी अरब के करीब जा रहा है, जिसके पाकिस्तान से नजदीकी संबंध हैं। वहीं, वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से दूर जा रहा है, जिसकी भारत और इजरायल से गहरी दोस्ती है।
इजरायल के कदम से सोमालिया में टेंशन
सोमालिया और पाकिस्तान की बातचीत एक संवेदनशील माहौल में हो रही है। 26 दिसम्बर 2025 को इजरायल ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सोमालिया से अलग हुए सोमालीलैंड को मान्यता देकर सभी को चौंका दिया। ऐसा करने वाला इजरायल संयुक्त राष्ट्र का पहला सदस्य देश बन गया। इजरायल के इस कदम ने हॉर्न ऑफ अफ्रीका में तनाव को बढ़ा दिया है। सोमालिया ने इजरायल के कदम का कड़ा विरोध जताया है।
अल-शबाब से भी खतरा
सोमालिया की गिनती दुनिया के बेहद अशांत क्षेत्रों में होती है। देश अल-कायदा से जुड़े विद्रोही आतंकी समूह अल-शबाब से लड़ रहा है। अल-शबाब का देश के दक्षिणी और मध्य क्षेत्र के बड़े ग्रामीण इलाकों पर नियंत्रण है। यह अक्सर राजधानी मोगादिशु और आस-पास के शहरों में हमले करता है।
सोमाली एयरफोर्स चीफ का पाकिस्तान दौरा
इन सुरक्षा चुनौतियों के बीच सोमाली एयर फोर्स कमांडर मोहम्मद शेख अली ने फरवरी 2026 में इस्लामाबाद का दौरा किया। इस दौरान संभावित खरीद पर बातचीत तेज हुई। सोमालिया के रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने बातचीत की पुष्टि की और कहा कि हमारे एयरस्पेस की सुरक्षा सोमाली हाथों में होनी चाहिए। उन्होंने इस खरीद को संप्रभुता और सरकारी संस्थाओं को फिर से बनाने की कोशिश बताया।














