इसका ट्रांसलेशन अमेरिकी एयर फोर्स थिंक टैंक चाइना एयरोस्पेस स्टडीज इंस्टीट्यूट ने किया है। चीन में ऑरिजनल रिपोर्ट चाई शान ने लिखी थी, जो एक डिफेंस एनालिस्ट और मिलिट्री लेखक है। वो पहले से ही पीपुल्स लिबरेशन आर्मी वायुसेना के एयर पावर कंट्रोल के बारे में लिखते आ रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि “हवाई युद्ध का भविष्य का तरीका आखिरकार और जरूरी तौर पर बुद्धिमता आधारित हवाई युद्ध होगा।”
चीन कर रहा भविष्य के युद्ध की तैयारी
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़ाकू हथियार इक्विपमेंट “इंटेलिजेंट” बिना क्रू वाले कॉम्बैट सिस्टम के साथ सिस्टम क्लस्टर बनाएंगे जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिसीजन-मेकिंग और मैनेजमेंट सिस्टम के कंट्रोल में स्वतंत्र, खुद ब खुद परिस्थिति को अपनाने वाला और सेल्फ-कोऑर्डिनेटिंग सिस्टम-ऑफ-सिस्टम ऑपरेशन का इस्तेमाल करते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि PLA के लिए भविष्य की हवाई लड़ाई बिना क्रू वाले हथियार प्लेटफॉर्म, ऑटोनॉमस हथियार प्लेटफॉर्म, डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेशन और स्वार्म युद्ध की तरफ बढ़ेगी। इस दौरान हवाई लड़ाई में ड्रोन फॉर्मेशन के साथ क्रू वाले एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल होगा, जिन्हें सेंसर से मदद मिलेगी और इंसानों वाले फाइटर जेट के हथियारों को बेहतर बनाएंगे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की सेनाएं पहले से ही स्टील्थ युद्ध, हाइपरसोनिक युद्ध और विजुअल रेंज से आगे के हमलों के बारे में तैयारी कर रही है। लंबी दूरी की, हवा से लॉन्च होने वाली स्टील्थ मिसाइलें और हाइपरसोनिक मिसाइलें ले जाने वाले स्टील्थ एयरक्राफ्ट एक एयरोस्पेस सिस्टम-ऑफ-सिस्टम नेटवर्क के अंदर ऑपरेशनल होंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि PLA के नए एयर वॉरफेयर का मौजूदा डेवलपमेंट काफी तेज और खतरनाक है। इसके तहत दुश्मनों के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला करना, दुश्मन के चकमा देने के लिए स्मार्ट रहते हुए भी बेवकूफ बनने का नाटक करना शामिल है।
चीन ऐसे ड्रोन विकसित कर रहा है जो मानव-चालित जेट (जैसे J-20) के साथ उड़ेंगे और पायलट के इशारे पर हमला करेंगे। इसके अलावा बीजिंग ऐसे लड़ाकू विमानों पर काम कर रहा है जो रडार के लिए पूरी तरह अदृश्य होंगे और जिनमें लेजर हथियारों का इस्तेमाल संभव होगा। चीन का लक्ष्य हवा, अंतरिक्ष, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध को एक साथ जोड़ना है ताकि दुश्मन का डिफेंस सिस्टम पूरी तरह ठप किया जा सके।












