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  • स्त्री गरिमा की रक्षा में SHe-Box निभाएगा अहम भूमिका

    सावित्री ठाकुर: आजादी के 100वें साल यानी 2047 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने महिला नेतृत्व विकास को देश की प्रगति का केंद्र बिंदु बनाया है। महिलाओं की समावेशी आर्थिक वृद्धि में निर्णायक भूमिका को मानते हुए सरकार का ऐसे सुरक्षित, सम्मानजनक और संवेदनशील कार्य वातावरण तैयार करने पर जोर है,


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    By Azad Hind Desk फरवरी 13, 2026
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    सावित्री ठाकुर: आजादी के 100वें साल यानी 2047 के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने महिला नेतृत्व विकास को देश की प्रगति का केंद्र बिंदु बनाया है। महिलाओं की समावेशी आर्थिक वृद्धि में निर्णायक भूमिका को मानते हुए सरकार का ऐसे सुरक्षित, सम्मानजनक और संवेदनशील कार्य वातावरण तैयार करने पर जोर है, जिसमें महिलाएं और आत्मविश्वास के साथ काम कर सकें। इस दिशा में कार्यस्थल पर महिलाओं का उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (POSH) एक जरूरी आधार स्तंभ है।

    सशक्त डिजिटल मंच। पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पिछले एक दशक में महिला सशक्तीकरण को सिर्फ नारा नहीं, बल्कि नीति, संरचना और प्रभावी क्रियान्वयन का विषय बनाया है। इसी दूरदर्शी दृष्टिकोण का उदाहरण SHe-Box पोर्टल है। इसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने तैयार किया है, जो कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और न्याय तक सहज पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक सशक्त डिजिटल मंच है।

    बढ़ रही हिस्सेदारी। भारत के कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ रही है। महिला श्रम बल भागीदारी दर 2017-18 में 23.3% से बढ़कर 2023-24 में 41.7% हो गई। ऐसे में कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा अनिवार्य है। मोदी सरकार ने कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डिजिटल गवर्नेंस के तहत तकनीकी सुधारों के साथ दोबारा 29 अगस्त 2024 को SHe-Box पोर्टल लॉन्च किया।

    सीधे करें शिकायत। यह पोर्टल देशभर में गठित आंतरिक समितियों (IC) और स्थानीय समितियों (LC) से संबंधित सूचनाओं का केंद्रीकृत भंडार प्रदान करता है। SHe-Box पोर्टल के जरिये महिलाएं अब सीधे संबंधित IC या LC के पास शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इससे प्रक्रिया में होने वाली देरी में कमी आई और शिकायत की स्थिति ऑनलाइन देखने की सुविधा मिली। यह सभी क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के लिए है।

    गोपनीयता पूरी । प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया विजन के अनुरूप SHe-Box से महिलाएं सुरक्षित, सरल और पूरी गोपनीयता के साथ शिकायत दर्ज करा सकती हैं। पोर्टल पर डाली गई शिकायत सीधे संबंधित कार्यस्थल की आंतरिक समिति या जिले की स्थानीय समिति तक पहुंचती है। आंतरिक समिति की अध्यक्ष के अलावा कोई अन्य शिकायत का विवरण नहीं देख सकता, जिससे पीड़िता की पहचान सुरक्षित रहती है।

    मंत्रालय का दायित्व। POSH अधिनियम के तहत सरकार शिकायतों का रेकॉर्ड रखती है और उसकी निगरानी करती है। किसी भी शिकायत की जांच के लिए 90 दिनों की समयसीमा तय है। इसे सुनिश्चित करने में SHe-Box पो समयबद्ध निपटारे को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय समय-समय पर डैशबोर्ड अलर्ट, ईमेल और मेसेज भेजता रहता है। यह सक्रिय प्रणाली सरकार की उत्तरदायित्व और परिणाम आधारित शासन की सोच दर्शाती है।

    भरोसे का पोर्टल। आज देश में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। जब बड़ी संख्या में महिलाएं पहली बार संगठित और औपचारिक कार्यस्थलों का हिस्सा बन रही हैं, तो SHe-Box जैसे प्लैटफॉर्म से उन्हें सरकार के साथ होने का भरोसा है।

    संस्थागत ढांचा। SHe-Box के तहत हर कार्यस्थल पर नियुक्त नोडल अधिकारी, नियोक्ता, आंतरिक/स्थानीय समिति और शिकायतकर्ता के बीच समन्वय स्थापित करते हैं। इससे सुनिश्चित होता है कि शिकायत केवल दर्ज न हो, बल्कि उस पर कार्रवाई भी हो। यह पोर्टल एक से अधिक भाषाओं में है, जिससे शिकायत करने में आसानी होती है। इससे नारी शक्ति को भयमुक्त, सम्मान और आत्मविश्वास संग कार्यस्थलों में आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।

    (लेखिका महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री हैं)

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