रीजनल एयर कनेक्टिविटी में परेशानी आ सकती है
जानकारों का कहना है कि अगर एयरलाइंस ने जल्द ही पायलटों, क्रू मेंबर, इंजीनियरों और अन्य अहम यूनिटों में काम करने वाले स्टाफ की सैलरी नहीं दी तो ना केवल स्पाइसजेट बल्कि देश की रीजनल एयर कनेक्टिविटी में भी बड़ी परेशानी आना शुरू हो जाएगी। पायलट और क्रू छुट्टी पर जाना शुरू कर सकते हैं। फ्लाइटें कैंसल और डिले होना शुरू हो जाएंगी। खासतौर से इसका गंभीर असर उड़ान स्कीम के तहत देश की रीजनल एयर कनेक्टिविटी पर पड़ना शुरू हो जाएगा। इसमें स्पाइसजेट अन्य एयरलाइंस के मुकाबले सबसे अधिक फ्लाइट उड़ाती है।
कमाई बढ़ी लेकिन फिर भी कर्मचारियों को नहीं मिली सैलरी
मामले में स्पाइसजेट की तरफ से इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की गई। लेकिन जानकारों का कहना है कि अधिकतर स्टाफ की दिसंबर और जनवरी की सैलरी नहीं मिली है। जिन्हें सैलरी मिल भी रही है, वह भी पूरी नहीं। ऐसे में पायलट से लेकर तमाम स्टाफ पैसों की कमी का सामना कर रहा है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो करीब 70 हवाई जहाजों के साथ देश के एविएशन सेक्टर में स्पाइसजेट की हिस्सेदारी बढ़ी है। पिछले साल नवंबर के मुकाबले दिसंबर में एयरलाइंस के रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी हुई। इसमें 2025 नवंबर में देश के एविएशन सेक्टर में 3.7% की हिस्सेदारी रखने वाली स्पाइसजेट की अगले महीने दिसंबर में हिस्सेदारी बढ़कर 4.3% हो गई।
दिसंबर में 50 हजार अधिक यात्रियों को सफर किया
एयरलाइंस ने नवंबर के मुकाबले दिसंबर में करीब 50 हजार अधिक यात्रियों को सफर कराया। रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद स्पाइसजेट अपने स्टाफ को समय पर सैलरी नहीं दे पा रहा है। एविएशन फील्ड के एक्सपर्ट का कहना है कि पिछले साल अहमदाबाद में एयर इंडिया का प्लेन क्रैश होना, फिर दिसंबर में इंडिगो क्राइसिस और अब स्पाइसजेट के स्टाफ को सैलरी ना मिलना। इससे देश के बढ़ते एयर ट्रैफिक में खासतौर से उड़ान स्कीम को धक्का लग सकता है।













