स्पेन की ट्रिप पर जाने वाले थे सिराज
करीब 18 महीनों से भारत की टी20 टीम से बाहर चल रहे मोहम्मद सिराज ने इस वर्ल्ड कप को लेकर कोई उम्मीद नहीं पाल रखी थी। रणजी ट्रॉफी के बाद वे पूरी तरह आराम के मूड में थे। उनका प्लान था कि 15 फरवरी को स्पेन जाकर अपने पसंदीदा क्लब रियल मैड्रिड का मैच देखेंगे और उसके बाद रमजान की तैयारी करेंगे। सिराज ने बताया, ‘मैंने स्ट्रेंथ कोच से साफ कह दिया था कि मुझे अभी मैसेज न करें, मैं आराम कर रहा हूं।’ लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
सूर्या का फोन के बाद भी नहीं हुआ भरोसा
शुक्रवार की सुबह सिराज के पास अचानक भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का फोन आया। सूर्या ने सीधे कहा, ‘तैयार हो जाओ, अपना बैग पैक करो और तुरंत आ जाओ।’ सिराज को लगा कि कप्तान उनके साथ मजाक कर रहे हैं, लेकिन जैसे ही नेशनल सेलेक्टर प्रज्ञान ओझा का फोन आया, सिराज सन्न रह गए। दरअसल, वॉर्म-अप मैच के दौरान हर्षित राणा के घुटने में चोट लग गई थी और उनकी जगह अनुभवी सिराज को बुलावा भेजा गया था।
सिराज को एक और बड़ा सरप्राइज तब मिला जब उन्हें पता चला कि जसप्रीत बुमराह वायरल इंफेक्शन की वजह से बाहर हैं और उन्हें सीधे प्लेइंग-11 में शामिल किया गया है। सिराज ने कहा, ‘जब मैं फ्लाइट में बैठा था, तो सब एक सपने जैसा लग रहा था। मैंने सोचा भी नहीं था कि मैं इस साल वर्ल्ड कप खेलूंगा क्योंकि पिछले एक साल से मैं टी20 सेटअप का हिस्सा नहीं था। लेकिन जो भगवान ने लिखा है, उसे कोई नहीं बदल सकता।’
मैच का रुख पलटने वाली घातक गेंदबाजी
मैदान पर उतरते ही सिराज ने साबित कर दिया कि क्यों उन्हें मिया भाई कहा जाता है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 161 रन बनाए थे, जिसके जवाब में सिराज ने पावरप्ले में ही दो विकेट झटककर अमेरिका को बैकफुट पर धकेल दिया। मैच की आखिरी गेंद पर शुभम रंजने का विकेट लेकर उन्होंने भारत की 29 रनों की जीत पर मुहर लगा दी। सिराज की यह वापसी भारतीय टीम के लिए एक वरदान साबित हुई है, जो अब बुमराह की अनुपस्थिति में भी गेंदबाजी को मजबूती दे रहे हैं।













