उचित कार्रवाई ना कर पाने के लिए लगा जुर्माना
दरअसल, Trai ऐसे ऑपरेटरों पर जुर्माना लगाता है, जो नियमों का पालन नहीं करते। नियमों के तहत, प्रति लाइसेंस सर्विस क्षेत्र के लिए प्रति माह 50 लाख रुपये तक का वित्तीय जुर्माना लगाया जा सकता है। रिपोर्ट (Ref.) के अनुसार, अधिकारी ने बताया कि TSPs (टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं) पर वित्तीय जुर्माना इसलिए नहीं लगाया जाता है कि वे उनके नेटवर्क से कोई स्पैम भेज रहे हैं। बल्कि इसलिए लगाया जाता कि वे नियमों के अनुसार स्पैमर्स के टेलीकॉम संसाधनों पर उचित कार्रवाई करने में विफल रहे हैं।
Trai ने बंद किए लाखों स्पैमर्स कनेक्शन
Trai ने शिकायतों के ऑडिट के दौरान पाया कि TSPs ने कई बार ग्राहक शिकायतों को गलत तरीके से बंद कर दिया। पिछले साल, Trai ने 21 लाख से अधिक स्पैमर्स के कनेक्शन काटे और 1 लाख से अधिक संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया। 13 अगस्त, 2024 को जारी किए गए Trai के निर्देश के बाद, सितंबर 2024 में लगभग 18.8 लाख स्पैमर्स के कनेक्शन काटे गए और 1,150 से अधिक संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया गया। Trai ने एक DND ऐप भी लॉन्च किया है, जिससे उपयोगकर्ता केवल 4-6 क्लिक में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
10 दिनों में 5 शिकायतें मिलने पर होती है कार्रवाई
अधिकारी ने बताया कि पंजीकृत टेलीमार्केटर्स पर सख्त नियम लागू हैं, लेकिन अब अधिकांश स्पैम अपंजीकृत व्यक्तियों द्वारा 10 डिजिट के मोबाइल नंबरों का उपयोग करके स्पैम भेजे रहे हैं। स्पैमर की पहचान शिकायतों की संख्या के आधार पर होती है। केवल फोन पर नंबर ब्लॉक करने से स्पैम नहीं रुकता, क्योंकि स्पैमर्स अक्सर अपने नंबर बदलते रहते हैं।
Trai ने परेशान करने वाली कॉलों और SMS को रोकने के लिए नियमों को और कड़ा कर दिया है। अब किसी स्पेम भेजने वाले के खिलाफ पिछले 10 दिनों में पांच शिकायतें मिलने पर कार्रवाई शुरू की जा सकती है। रेगुलेटर ने बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्रों की संस्थाओं के लिए लेन-देन और सेवा कॉल के लिए 1,600 सीरीज नंबरों को प्रीफिक्स के रूप में अनिवार्य कर दिया है। सरकारी संस्थाओं को भी नागरिकों को कॉल करने के लिए इन नंबरों का उपयोग करना होगा। हालांकि, इसके बाद भी स्पैम और फ्रॉड कॉल के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं।














