• Entertainment
  • ‘हमारे घर पर भगवान नहीं’, श्रुति हासन ने बताया मंगलवार को खाते हैं नॉन-वेज, कमल हासन को धर्म से नफरत

    कमल हासन की बेटी और एक्ट्रेस श्रुति हासन ने हिंदी और तमिल सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने पिता का सहारा लिए बगैर अपने अभिनय के दम पर ये मुकाम हासिल किया है। उन्होंने नास्तिक परिवार में परवरिश होने के बारे में खुलकर बात की। बताया कि उनके घर में भगवान की कोई


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 7, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    कमल हासन की बेटी और एक्ट्रेस श्रुति हासन ने हिंदी और तमिल सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने पिता का सहारा लिए बगैर अपने अभिनय के दम पर ये मुकाम हासिल किया है। उन्होंने नास्तिक परिवार में परवरिश होने के बारे में खुलकर बात की। बताया कि उनके घर में भगवान की कोई जगह नहीं है। पिता को भी धर्म के बारे में बात करना पसंद नहीं है।

    श्रुति हासन ने तेलुगु, तमिल और हिंदी फिल्मों में काम किया है। ‘सालार: पार्ट 1 – सीजफायर’ (2023), ‘गब्बर सिंह’ (2012), ‘रेस गुर्रम’ (2014), ‘श्रीमान्थुडु’ (2015) और तमिल फिल्म ‘3’ (2012) में वह नजर आ चुकी हैं। वह ‘रमैया वस्तावैया’ में भी लीड रोल में दिखी थीं। उनके पिता कमल हासन, माता सारिका ठाकुर और छोटी बहन अक्षरा हासन हैं।

    मम्मी को डर रहता था कि ये हिंदी नहीं सीख पाएंगे क्योंकि हम सिर्फ तमिल में ही बात करते थे। इसी वजह से कई सालों तक हमारी तमिल पर इसका बुरा प्रभाव पड़ा।
    श्रुति हासन, एक्ट्रेस

    श्रुति हासन की मां तो था डर

    रणवीर अल्लाहबादिया से बातचीत में श्रुति हासन ने बताया था कि वह तमिल और हिंदी भाषा के इर्द-गिर्द पली-बढ़ी हैं। उन्होंने अपने पेरेट्स की विरासत को आगे बढ़ाने के दबाव पर कहा था, ‘अब जैसे कि मेरी परवरिश ऐसे ही हुई है तो मां का असर मुझ पर ज्यादा है। घर पर हम सिर्फ हिंदी और इंग्लिश में ही बात करते थे। तो इससे मम्मी को डर रहता था कि ये हिंदी नहीं सीख पाएंगे क्योंकि हम सिर्फ तमिल में ही बात करते थे। इसी वजह से कई सालों तक हमारी तमिल पर इसका बुरा प्रभाव पड़ा।’

    मेरे माता-पिता स्कूल तो गए नहीं कभी, इसलिए उन्हें पता ही नहीं कि बच्चों की पढ़ाई कैसे कराई जाती है।
    श्रुति हासन, एक्ट्रेस

    कमल-सारिका कभी स्कूल नहीं गए

    श्रुति ने बताया, ‘मैं इंग्लिश मीडियम स्कूल जाती थी। इसलिए लंबे समय तक मेरी तमिल कमजोर थी। और अभी भी है।’ एक्ट्रेस ने बताया कि जब उनके माता-पिता अलग हुए थे, तब वह मुंबई आई थीं। इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि उनके पेरेंट्स कभी स्कूल नहीं गए तो उनका बचपन बाकी बच्चों की तरह नॉर्मल नहीं था। ‘मेरा बचपन सामान्य नहीं था। हम फिल्म के सेट पर बड़े हुए हैं। पांच साल की थी, जब देखती थी कि हाथी और कुत्ते हमारे पास आकर खड़े हो जाते थे। ये सब बहुत ही कमाल का था। कई फेमस एक्टर्स से मिले थे। कई अच्छी जगह जाने का मौका भी मिलता था। मेरे माता-पिता स्कूल तो गए नहीं कभी, इसलिए उन्हें पता ही नहीं कि बच्चों की पढ़ाई कैसे कराई जाती है।’

    हम नास्तिक, गैर-धार्मिक परिवार में बड़े हुए हैं। हमारे घर पर भगवान नहीं थे और न ही ये जरूरी था कि हमें मंगलवार को नॉन-वेज खाना नहीं खाना।धर्म और भगवान का कॉन्सेप्ट तो हमारे लिए था ही नहीं।
    श्रुति हासन, एक्ट्रेस

    श्रुति हासन के घर में भगवान नहीं

    एक्टर्स ने अपने घर के बारे में बताया कि उनका परिवार धर्म और भगवान को नहीं मानता। ‘हम नास्तिक, गैर-धार्मिक परिवार में बड़े हुए हैं। जब मैं ऐसा कहती हूं तो पापा को अच्छा नहीं लगता। हमारे घर पर भगवान नहीं थे और न ही ये जरूरी था हमें मंगलवार को नॉन-वेज खाना नहीं खाना है। इस तरह का कुछ भी हमारे घर नहीं होता था। धर्म और भगवान का कॉन्सेप्ट तो हमारे लिए था ही नहीं। इसलिए शायद बचपन से मेरे मन में ये बात बैठ गई कि कला ही भगवान है।’

    हमारी जो पूर्वज थीं, वो महिलाएं थीं। इसलिए मैं विक्का और मूर्तिपूजा मे भरोसा करती हूं। हम चुड़ैलों की पोतियां हैं, जिनको जलाया नहीं जा सका। मुझे महसूस होता है कि मेरी रगों में उनका खून है।
    श्रुति हासन, एक्ट्रेस

    कमल हासन को नहीं पसंद टैटू और ज्योतिष

    श्रुति ने बताया, ‘अगर आप पापा से एस्ट्रोलॉजी के बारे में बात करेंगे तो वो बोलेंगे भाग जाओ। वह बहुत क्रिएटिव और प्रैक्टिकल हैं। मुझे ऐसा लगता है कि पापा भगवान के बच्चे हैं। उनको टैटू तक नहीं पसंद। उससे नफरत करते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि वह विक्का (प्रकृति के देवी-देवताओं की पूजा) में यकीन करती हैं। ‘हमारी जो पूर्वज थीं, वो महिलाएं थीं। इसलिए मैं विक्का और मूर्तिपूजा मे भरोसा करती हूं। हम चुड़ैलों की पोतियां हैं, जिनको जलाया नहीं जा सका। मुझे महसूस होता है कि मेरी रगों में उनका खून है।’

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।