मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि “इन आतंकी संगठनों का साझा मकसद यहूदियों, हिंदुओं, बलूचों और अन्य गैर मुस्लिमों को निशाना बनाना है।” उन्होंने आगे कहा कि इन आतंकी समूहों को ना सिर्फ पाकिस्तान से वैचारिक समर्थन मिलता है, बल्कि इन आतंकी संगठनों का केन्द्र भी पाकिस्तान ही है। मीर यार बलूच ने आरोप लगाते हुए कहा है कि “पाकिस्तान ग्लोबल आतंकवाद का केंद्र है और ईरान इस भाड़े के सैनिकों को फाइनेंस करने वालों में से एक है।”
भारत और इजरायल से की कार्रवाई की मांग
बलूच नेता मीर यार बलूच ने आगे लिखा है कि “अब इजरायल, भारत और अमेरिका के लिए समय आ गया है कि वे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अंदर फल-फूल रही आतंकी फैक्ट्रियों और उन मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने के लिए पहले से कार्रवाई करें, जो युद्ध से फायदा उठाने वालों के तौर पर इन चरमपंथी समूहों को बचाते हैं।” आपको बता दें कि मीर यार बलूच, लगातार पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वो लंबे समय से बलूचों के दर्द को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर रखते रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि कश्मीर, अफगानिस्तान और पश्चिम एशिया में सक्रिय कई चरमपंथी समूहों की जड़ें पाकिस्तान में हैं।
आपको बता दें कि बलूचिस्तान में पाकिस्तान सालों से क्रूरता करता आया है। बलूचिस्तान में पाकिस्तान पर सैकड़ों बार मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लग चुके हैं। पाकिस्तान की सेना, बलूचिस्तान में आम लोगों पर गोलियां चलाती है, युवाओं को उनके घरों से अपहरण कर लेती है, न्यायेतर हत्याएं करती है। पाकिस्तान की सेना अभी तक हजारों बलूच युवाओं को लापता कर चुकी है, जिसको लेकर बलूचिस्तान में अकसर विरोधी प्रदर्शन होते रहते हैं।














