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  • हवाई जहाज में नशे में बदसलूकी की या किसी को पीटा तो लग सकता है जिंदगीभर का बैन, नए नियम लागू

    नई दिल्ली: हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर है। अगर आप हवाई जहाज में बदसलूकी करते हैं, तो सावधान हो जाइए। भारत सरकार ने ऐसे यात्रियों के खिलाफ ‘नो/जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ यानी ‘बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति’ तुरंत प्रभाव से लागू कर दी है। इसका मकसद हवाई जहाज, यात्रियों और


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    By Azad Hind Desk फरवरी 18, 2026
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    नई दिल्ली: हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर है। अगर आप हवाई जहाज में बदसलूकी करते हैं, तो सावधान हो जाइए। भारत सरकार ने ऐसे यात्रियों के खिलाफ ‘नो/जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ यानी ‘बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति’ तुरंत प्रभाव से लागू कर दी है। इसका मकसद हवाई जहाज, यात्रियों और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही हवाई जहाज के अंदर अच्छा माहौल और अनुशासन बनाए रखना है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ( DGCA ) ने ऐसे यात्रियों से निपटने के लिए नियमों का एक मसौदा तैयार किया है।

    DGCA के प्रमुख, फैज अहमद किदवई, ने एक बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है। अब एयरलाइंस को ऐसे यात्रियों से निपटने के लिए अपनी प्रक्रियाएं बनानी होंगी। ये प्रक्रियाएं एयरपोर्ट पर या हवाई जहाज के अंदर, दोनों जगहों पर लागू होंगी। इस प्रक्रिया (SOP) को पूरी एयरलाइन कंपनी में फैलाना होगा। खासकर उन सभी कर्मचारियों को जो यात्रियों के सीधे संपर्क में आते हैं, चाहे वे जमीन पर हों या हवाई जहाज में।
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    फ्लाइट में चढ़ने से रोका जा सकेगा

    मसौदे के अनुसार, सभी एयरलाइंस को ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिससे वे चेक-इन, लाउंज, बोर्डिंग गेट या टर्मिनल बिल्डिंग या एयरसाइड में किसी भी जगह पर यात्रियों के गलत व्यवहार का पता लगा सकें और उसकी रिपोर्ट कर सकें। इससे ऐसे यात्रियों को हवाई जहाज में चढ़ने से रोका जा सकेगा। ऐसे मामलों की तुरंत एयरपोर्ट पर मौजूद कानून प्रवर्तन एजेंसी को रिपोर्ट की जाएगी।

    4 लेवल में बांटे गए नियम

    भारत के ‘नो फ्लाई’ नियमों में गलत व्यवहार को चार लेवल में बांटा गया है। इन स्तरों के आधार पर यात्रियों पर आजीवन बैन भी लगाया जा सकता है।
    पहला लेवल: इसमें गलत व्यवहार शामिल है, जैसे कि हाव-भाव दिखाना, मौखिक रूप से परेशान करना या नशे में बदसलूकी करना।
    दूसरा लेवल: इसमें शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार करना शामिल है, जैसे धक्का देना, लात मारना, पीटना, पकड़ना या अनुचित तरीके से छूना या यौन उत्पीड़न करना।
    तीसरा लेवल: इसमें जानलेवा व्यवहार शामिल है। जैसे कि हवाई जहाज के ऑपरेटिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाना, गला घोंटना, आंखें नोचना या जान से मारने की कोशिश करना।
    चौथा लेवल: इसमें फ्लाइट क्रू के कंपार्टमेंट में घुसने की कोशिश करना या घुस जाना शामिल है।

    नहीं कर सकेंगे अपील

    नए नियमों में यह भी कहा गया है कि गृह मंत्रालय DGCA और एयरलाइंस को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले व्यक्तियों की लिस्ट दे सकता है। इस लिस्ट को ‘नो-फ्लाई लिस्ट’ में शामिल किया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमों के तहत अपील का कोई प्रावधान नहीं होगा। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों की लिस्ट, जो गृह मंत्रालय द्वारा दी जाएगी, एयरलाइंस के साथ साझा की जाएगी। हालांकि, यह लिस्ट प्रकाशित ‘नो फ्लाई लिस्ट’ का हिस्सा नहीं होगी। ऐसे लोगों पर तब तक प्रतिबंध रहेगा जब तक गृह मंत्रालय उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।

    विदेशी एयरलाइंस पर भी लागू होंगे नियम

    इस मसौदे के अनुसार, ‘नो फ्लाई’ नियम भारत आने-जाने के दौरान सभी यात्रियों पर लागू होंगे। इसका मतलब है कि यह नियम केवल भारतीय एयरलाइंस और एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा। यह भारत आने-जाने वाली विदेशी एयरलाइंस की उड़ानों पर भी लागू होगा, अगर वे एयरलाइंस इस मामले की रिपोर्ट करती हैं।

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