क्यों अहम है DATRAN 1500
CVRDE के लिए तत्काल फोकस DATRAN 1500 इंजन पर है। इसे अर्जुन Mk-1A को ताकत देने के लिए बनाया गया है। एक हाई-आउटपुट इंजन है। इसके साथ ही यह फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल (FRCV) के लिए आधारभूत तकनीक के रूप में काम करता है। यह इंजन इंपोर्टेड पावर प्लांट पर निर्भरता समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। यह विशेष रूप से जर्मन डिजाइनों पर आधारित है। इन्होंने ऐतिहासिक रूप से भारत के स्वदेशी टैंकों को शक्ति प्रदान की है।
रिपोर्ट के अनुसार CVRDE भारी आर्मर्ड प्लेटफ़ॉर्म के लिए हाइड्रोजन फ़्यूल-सेल प्रोपल्शन में पायनियरिंग करने के लिए प्राइवेट सेक्टर पार्टनर्स के साथ हाथ मिलाएगा। हाइड्रोजन फ्यूल सेल एक खास टैक्टिकल बेनिफिट होता है। येवे लगभग साइलेंस के साथ काम करते हैं। डीजल इंजन की तुलना में काफी कम गर्मी होते हैं। इससे गाड़ी का थर्मल सिग्नेचर काफ़ी कम हो जाता है।
इससे दुश्मन के इंफ्रारेड सेंसर और घूमते हुए हथियारों से टैंक का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, हाइड्रोजन सिस्टम बेहतर एंड्योरेंस दे सकते हैं। इससे डीजल रीफ्यूलिंग के लिए जरूरी बार-बार लॉजिस्टिक टेल के बिना आर्मर्ड फॉर्मेशन लंबे समय तक ऑपरेट कर सकते हैं।
भारत को कैसे होगा फायदा
हाइड्रोजन इनिशिएटिव के साथ-साथ, CVRDE हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक पावर पैक डेवलप कर रहा है। इससे इंजन अपनी सबसे एफिशिएंट स्पीड पर चल सके, जबकि इलेक्ट्रिक मोटर ट्रैक चलाती हैं। इस तरीके का टारगेट फ्यूल एफिशिएंसी में 50 परसेंट की बढ़ोतरी करना है।
यह लद्दाख या राजस्थान के रेगिस्तान जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में ऑपरेशन के लिए एक गेम-चेंजर है। इन इलाकों में फ्यूल लॉजिस्टिक्स मुश्किल होते हैं। इसके अलावा, हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक सिस्टम पारंपरिक मैकेनिकल ट्रांसमिशन से हल्के होते हैं।













