डलास-फोर्ट वर्थ इलाके के रिपब्लिकन एक्टिविस्ट और मागा समर्थक कार्लोस टर्सियोस ने एक्स पर भगवान हनुमान की मूर्ति का वीडियो शेयर किया है। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘थर्ड वर्ल्ड के एलियंस धीरे-धीरे टेक्सास और अमेरिका पर कब्जा कर रहे है। अमेरिका के लोगों को इस कब्जे को रोकने के लिए सामने आने की जरूरत है।’
भारतीयों ने दिया जवाब
कार्लोस टर्सियोस के पोस्ट पर भारतीय मूल के अमेरिकियों ने कड़ा जवाब दिया है। भारतीयों ने उनको जवाब देते हुए लिखा कि आपका दावा एकदम गलत है। एक यूजर ने कार्लोस के पोस्ट पर लिखा, ‘हिंदुओं ने अपनी जमीन पर, अपने पैसे से मंदिर बनाया है। आप सालों पहले कल्चर वॉर हार गए थे। अब आप मिडटर्म भी हारने वाले हैं। आपका अमेरिका फर्स्ट का धोखा नस्लभेदी नॉस्टैल्जिया के तौर पर सामने आ गया है।’
एक और यूजर ने डाटा के जरिए इंडियन-अमेरिकन्स के घुलने-मिलने को दिखाया। अमेरिका में भाषा के आंकड़ों की तुलना करते हुए उन्होने लिखा, ‘यूएस में 4 करोड़ घर स्पैनिश बोलते हैं। फिर भी टॉप 10 में कोई इंडियन भाषा नहीं है। चूंकि घर की भाषा घुलने-मिलने का सबसे मजबूत इंडिकेटर है। इसलिए आपके ग्रुप को इंडियन-अमेरिकन्स के घुलने-मिलने के लेवल के आस-पास पहुंचने में बहुत समय लगेगा।’
2024 में स्थापित हुई मूर्ति
टेक्सास में मंदिर प्रांगण में 2024 में स्थापित की गई 90 फुट ऊंची भगवान हनुमान की मूर्ति कई बार चर्चा में आ चुकी है। इसके बनने के समय पास के एक चर्च से जुड़े लोगों ने इस पर विरोध जताया था। इस मूर्ति को पंचलोहा अभय हनुमान के नाम से जाना जाता है और इसका उद्घाटन अगस्त 2024 में हुआ था। यह नॉर्थ अमेरिका में अपनी तरह की सबसे ऊंची मूर्ति है।













