रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 गुरुग्राम के अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट के लिए ऐतिहासिक वर्ष रहा। इस दौरान 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की श्रेणी के 1494 मकानों की बिक्री दर्ज की गई, जो किसी एक शहर में 12 महीनों के भीतर अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। साल 2023 में जहां इस सेगमेंट की कुल बिक्री 4004 करोड़ रुपये थी, वहीं साल 2025 में यह बढ़कर 24,119 करोड़ रुपये हो गई। यानी दो वर्षों में छह गुना उछाल आया।
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मुंबई को छोड़ा पीछे
कुल बिक्री मूल्य के आधार पर गुरुग्राम ने साल 2025 में मुंबई को भी पीछे छोड़ दिया। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि हाई-एंड रियल एस्टेट ग्रोथ का केंद्र अब तेजी से गुरुग्राम की ओर शिफ्ट हो रहा है।
पिछले दो वर्षों में अल्ट्रा-लग्जरी मकानों की बिक्री लगभग दस गुना बढ़ी है। साल 2023 में जहां केवल 155 यूनिट बिकी थीं, वहीं साल 2025 में यह संख्या करीब 1500 तक पहुंच गई। मजबूत घरेलू वेल्थ क्रिएशन, HNI और अल्ट्रा-HNI निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और वैश्विक निवेशकों का भरोसा इस तेजी के प्रमुख कारण रहे।
बड़े घरों की बढ़ी मांग
साल 2025 में बिके लग्जरी घरों का औसत आकार करीब 5,000 वर्ग फीट रहा। कुल वैल्यू के लिहाज से 4,000 से 6,000 वर्ग फीट कैटेगरी की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही, जबकि 8,000 वर्ग फीट से बड़े घरों का वैल्यू में लगभग 22% हिस्सा रहा। इससे स्पष्ट है कि खरीदार अब बड़े और प्रीमियम स्पेस को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पूंजी प्रवाह से मिला सहारा
द्वारका एक्सप्रेसवे पर लेन-देन वैल्यू साल 2024 के 383 करोड़ रुपये से बढ़कर साल 2025 में 8347 करोड़ रुपये हो गई। यानी इसमें 2000% से ज्यादा की तेजी आई। गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर बिक्री मूल्य में 379% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। CRE Matrix के को-फाउंडर और सीईओ अभिषेक किरण गुप्ता ने कहा कि खरीदारों का भरोसा, मजबूत पूंजी प्रवाह और संपन्न वर्ग की बढ़ती संख्या इस उछाल के पीछे मुख्य वजह है। उन्होंने बताया कि साल 2025 में 103 भारतीय कंपनियों ने मेन बोर्ड आईपीओ के जरिए 19.54 अरब डॉलर जुटाए, जिससे नए उद्यमियों और फाउंडर्स का एक मजबूत वर्ग तैयार हुआ, जो लग्जरी हाउसिंग में निवेश कर रहा है।













