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  • ₹100 डिपॉजिट, ₹97 क्रेडिट, कौन ले रहा इतना कर्ज, कैसे चलेगी बैंकों की गाड़ी?

    नई दिल्ली: इस फाइनेंशियल ईयर में बैंकों का क्रेडिट ग्रोथ लगातार डिपॉजिट से ज्यादा बना हुआ है। इससे बैंकों के पास सिस्टम लिक्विडिटी की स्थिति टाइट हो गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी के अंत तक इंक्रिमेंटल क्रेडिट-डिपॉजिट रेश्यो 96.9 फीसदी पहुंच गया जबकि आउटस्टेंडिंग सीडी रेश्यो 82.3 फीसदी है।


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    By Azad Hind Desk फरवरी 16, 2026
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    नई दिल्ली: इस फाइनेंशियल ईयर में बैंकों का क्रेडिट ग्रोथ लगातार डिपॉजिट से ज्यादा बना हुआ है। इससे बैंकों के पास सिस्टम लिक्विडिटी की स्थिति टाइट हो गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी के अंत तक इंक्रिमेंटल क्रेडिट-डिपॉजिट रेश्यो 96.9 फीसदी पहुंच गया जबकि आउटस्टेंडिंग सीडी रेश्यो 82.3 फीसदी है। इससे साफ है कि बैंक हर 100 रुपये के फ्रेश डिपॉजिट पर करीब 97 रुपये का कर्ज दिया है।

    आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक इस फाइनेंशियल ईयर में 31 जनवरी तक एग्रीगेट डिपॉजिट में 10.2% की तेजी आई। इस दौरान बैंकों में कुल 23 लाख करोड़ रुपये जमा हुए। लेकिन इस दौरान क्रेडिट में कहीं ज्यादा तेजी आई। यह 12.2 फीसदी बढ़कर 22.3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले डिपॉजिट में 8.1% और क्रेडिट में 8.7% तेजी आई थी। सालाना आधार पर देखें तो क्रेडिट ग्रोथ जनवरी 2026 के अंत में 14.6% पहुंच गया जो 19 महीने का उच्चतम स्तर है। एक साल पहले याह 11.4% था। डिपॉजिट ग्रोथ 10.3% से सुधरकर 12.5% पहुंच गया। इससे साफ है कि डिपॉजिट की तुलना में क्रेडिट की डिमांड स्ट्रॉन्ग बनी हुई है।

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    कौन ले रहा इतना कर्ज?

    नॉन-फूड क्रेडिट पिछले साल के मुकाबले 25.7 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 203.9 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। बैंकरों का कहना है कि ज्यादातर लेंडिंग सरप्लस सेंट्रल बैंक लिक्विडिटी के बजाय हाउसहोल्ड सेविंग्स के जरिए फंड की जा रही है। क्रेडिट ग्रोथ का सीधा संबंध आर्थिक गतिविधियों और जीडीपी एक्सपेंशन से हैं। इसे देखते हुए बैंकों ने ग्रोथ टारगेट बढ़ा दिया है। तीसरी तिमाही की अर्निंग कॉल्स में इसकी जानकारी दी गई है।

    एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा कि उनका बैंक रिसोर्स कॉस्ट और ग्रोथ के बीच संतुलन बना रहा है। उसका टारगेट अगली दो तिमाहियों में कम से कम 10 फीसदी कॉरपोरेट क्रेडिट है। इसके लिए 7 लाख करोड़ रुपये पाइपलाइन में हैं। साथ ही बैंक होम और ऑटो लोन में मार्केट शेयर बढ़ाना चाहता है। एसबीआई ने इस साल के लिए क्रेडिट ग्रोथ गाइडेंस को संशोधित कर 13.15 फीसदी कर दिया है।

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    आगे की चाल

    आईसीआईसीआई बैंक के सीएफओ अनिंद्य बनर्जी ने कहा कि यह मोमेंटम साफ दिख रहा है। हमने सिक्वेंशियल ग्रोथ रेट में तेजी देखी है और हमें चौथी तिमाही में भी यही स्थिति बने रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि रिटेल और कॉरपोरेट सेगमेंट्स में भी यह सुधार दिख रहा है। केनरा बैंक के एमडी और सीईओ हरदीप सिंह अहलूवालिया ने कहा कि इस ग्रोथ में सबसे ज्यादा भूमिका रिटेल और एमएसएमई लोन की है। उन्होंने कहा आरएएम बुक में 18.7% ग्रोथ दिख रही है। इसमें रिटेल में सबसे ज्यादा 31.4% ग्रोथ और एमएमएमई में 13.7% ग्रोथ आई है।

    उन्होंने कहा कि यील्ड हेल्दी बनी हुई है। एमएमएमई एडवांसेज में यह 9.3% और रिटेल लोन के लिए 8.9% है। अहलूवालिया ने कहा कि केनरा बैंक रिटेल मोमेंटम को आगे ले जाना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘हमारा एडवांसेज ग्रोथ गाइडेंस गे 13.6% से ज्यादा है और हम इस मूमेंटम को आगे भुनाएंगे। उन्होंने कहा कि सेविंग्स बैंक डिपॉजिट 8.5% की रफ्तार से बढ़ रहा है। इसमें इंडिविजुअल सेविंग्स अकाउंट में 10% से ज्यादा तेजी आई है जबकि करेंट अकाउंट की ग्रोथ करीब 15% रही है।’

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