दुनिया की सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन साल 2026 की शुरुआत से ही भारी गिरावट का सामना कर रही है। यह 20% से भी ज्यादा लुढ़क गया है। अक्टूबर में 1,24,000 डॉलर के अपने रिकॉर्ड स्तर से इसने आधी से ज्यादा कीमत गंवा दी है। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे एक बिटकॉइन करीब 65,500 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से भी कम है।
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‘डिजिटल सोना’ है बिटकॉइन
बिटकॉइन को अक्सर ‘डिजिटल सोना’ कहा जाता है। इसकी वजह यह है कि सोने की तरह यह भी कोई डिविडेंड या मुनाफा नहीं देता। इसकी कीमत सिर्फ इस बात पर निर्भर करती है कि निवेशक इसे खरीदने के लिए कितना पैसा देने को तैयार हैं। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन एक अस्थिर सत्र के बाद 1.64% बढ़कर 64,153.24 डॉलर पर कारोबार कर रही थी। इस दौरान इसकी कीमत में उतार-चढ़ाव देखा गया, और यह 60,008.52 डॉलर के निचले स्तर पर भी पहुंच गई थी।
शेयर भी आए दबाव में
पूरे क्रिप्टो बाजार का मूल्य अक्टूबर की शुरुआत में 4.38 ट्रिलियन डॉलर के शिखर से घटकर 2.26 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले पिछले महीने में 800 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। इस साल अब तक बिटकॉइन 28% गिर चुका है, जबकि इसी अवधि में इथेरियम में लगभग 38% की गिरावट आई है।
जैसे-जैसे बिटकॉइन की कीमत गिरी, वैसे-वैसे उन कंपनियों के शेयर भी दबाव में आ गए जिनके पास बिटकॉइन और अन्य डिजिटल संपत्ति थी। यह क्रिप्टो बाजार में चल रही उथल-पुथल के कारण हुआ, जिससे पूरे सेक्टर में चिंताएं बढ़ गईं। पिछले साल जिन सार्वजनिक कंपनियों ने क्रिप्टो में भारी निवेश किया था, उन्हें अब बाजार की बढ़ती चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप के शुरुआती समर्थन से प्रोत्साहित होकर उन्होंने यह कदम उठाया था।
क्यों आई क्रिप्टो में गिरावट?
- क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट को अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें घटाए जाने को लेकर अनिश्चितता है।
- साथ ही AI कंपनियों के मूल्यांकन को लेकर चिंताएं भी जोखिम वाली संपत्तियों पर दबाव डाल रही हैं। इसी वजह से बिटकॉइन नवंबर 2024 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
- बिटकॉइन में हाल ही में हुई बिकवाली तब और तेज हो गई जब ट्रंप ने केविन वॉर्श (Kevin Warsh) को अगले फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के रूप में नामित किया।
- रॉयटर्स के अनुसार विश्लेषकों का कहना है कि वॉर्श की नियुक्ति से फेड का बैलेंस शीट छोटा हो सकता है, जो क्रिप्टो जैसी सट्टा संपत्तियों के लिए नकारात्मक है। ऐसे में लोग क्रिप्टो मार्केट से पैसा निकाल रहे हैं।
- वहीं बिटकॉइन ने ट्रंप के चुनाव के बाद से हुए सारे फायदे मिटा दिए हैं। ट्रंप ने चुनाव के दौरान डिजिटल संपत्तियों के प्रति नीतियों को बदलने का वादा किया था।
फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स भी गिरा
क्रिप्टोकरेंसी के फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स में भी बड़ी गिरावट आई है। पिछले महीने यह 49 अंक पर था। अब यह गिरकर 5 पर आ गया है। यह इसके एक्सट्रीम फीयर को दर्शाता है। फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स का यह नवंबर 2025 के बाद सबसे निचला स्तर है। यानी निवेशकों में क्रिप्टो को लेकर काफी घबराहट है। पिछले एक साल में यह नवंबर 2025 में सबसे ज्यादा था। उस समय फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स 76 था, जो ग्रीड को दर्शाता है। यानी निवेशकों में खरीदने की उत्सुकता थी। लेकिन अब यह फीयर लेवल पर आ गया है।













