बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक ब्रिटेन के लग्जरी इंटीरियर डिजाइनर कुणाल त्रेहान (Kunal Trehan) इन दिनों दुबई में फंसे हुए हैं। ईरान के हमले के कारण कई फ्लाइट कैंसिल हुईं, जिनमें उनकी रिटर्न फ्लाइट भी शामिल थी। ऐसे में वह अपने दोस्त के साथ एक होटल में रुके हुए हैं। इस होटल का एक रात का किराया 670 डॉलर (करीब 61 हजार रुपये) है। यह किराया अमूमन 2 से 6 हजार रुपये के बीच होता है।
Dubai Property News: ईरान इजरायल युद्ध के चक्कर में पिस रहा है दुबई का रियल एस्टेट, क्या सस्ती हुई प्रॉपर्टी?
धमाके के बाद फ्लाइट कैंसिल
- कुणाल 20 फरवरी को अपने बिजनेस के सिलसिले में यूएई पहुंचे थे। उन्हें 28 फरवरी की रात 10:20 बजे यूके वापस लौटना था।
- जिस दिन उनकी फ्लाइट थी, उसी दिन दोपहर के समय बीच पर आराम करते हुए उन्हें धमाके जैसी आवाज सुनाई दी।
- शुरुआत में उन्हें लगा कि कहीं कोई तोड़फोल चल रही है। शायद यह उसी की आवाज है। लेकिन कुछ ही देर में उन्हें माजरा समझ में आ गया।
- आवाज के कुछ ही देर बाद दोस्तों और परिवार के वॉट्सऐप मैसेज आने लगे, जिनमें उनकी सलामती के बारे में पूछा जा रहा था।
- इसके बाद उन्होंने कतर एयरवेज (Qatar Airways) के ऐप पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक किया। तब उन्हें पता चला कि उनकी फ्लाइट रद्द कर दी गई है।
बेसमेंट में गुजर रहा समय
- कुणाल ने बताया कि उन्हें शाम तक कई और धमाके सुनाई दिए। आसमान में मिसाइलों की रोशनी दिखाई दी। ऐसे में होटल स्टाफ ने वहां मौजूद लोगों को बालकनी छोड़ कमरों में जाने और पर्दे बंद रखने को कहा। इससे होटल लॉबी में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
- आधी रात के करीब उनके फोन पर सरकार की ओर से इमरजेंसी अलर्ट आया, जिसमें किसी सुरक्षित स्थान पर जाने की हिदायत दी गई थी। तभी होटल स्टाफ ने दरवाजा खटखटाकर पासपोर्ट और जरूरी सामान लेकर बेसमेंट में आने को कहा।
- कुणाल ने बताया कि जब वह होटल के बेसमेंट में गए तो वहां का नजारा काफी अलग था। होटल के बेसमेंट में कंक्रीट के फर्श पर लोग बैठे थे, बुजुर्गों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। स्टाफ ने तकिए और कंबल देकर लोगों को शांत रखने की कोशिश की।
- कुणाल के मुताबिक स्थानीय स्टाफ भी इस तरह की स्थिति से पहली बार गुजर रहा था। करीब तीन घंटे बाद वह अपने कमरे में लौटे। होटल मैनेजमेंट ने मेहमानों को फिलहाल बाहर न निकलने की सलाह दी है।
कौन चुकाएगा होटल का खर्च?
ईरान हमले के बाद होटल में जो विदेशी रुके हुए हैं, उन्हें रहने और खाने-पीने पर काफी रकम खर्च करनी पड़ रही है। फ्लाइट कैंसिल होने या देरी से उड़ने के मामले में एयरलाइन की तरफ से सारा खर्च उठाया जाता है। हालांकि दुबई में जो स्थिति है, उसमें खर्च एयरलाइन देगी या सरकार, इसे लेकर अभी कुछ स्पष्ट जानकारी नहीं है।
कुणाल का कहना है कि अभी तक उनकी ट्रैवल इंश्योरेंस कंपनी की ओर से खर्च की भरपाई को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। वहीं अबुधाबी के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने 28 फरवरी को सभी होटलों को आधिकारिक पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि जो यात्री फ्लाइट कैंसिल होने के कारण होटल छोड़ने में असमर्थ हैं, उनका पूरा खर्च सरकार उठाएगी।













