इस साल एक बड़ा बदलाव यह देखा गया कि घरेलू संस्थागत निवेशकों का दबदबा बढ़ा। उन्होंने पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा, यानी 4.8 अरब डॉलर का निवेश किया। यह कुल निवेश का 57% था। इससे पता चलता है कि भारतीय निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, क्योंकि उन्हें अच्छी क्वालिटी की प्रॉपर्टी, स्थिर कमाई और बाजार में ज्यादा पारदर्शिता दिख रही है। विदेशी निवेशकों का निवेश 16% घटकर 3.7 अरब डॉलर रह गया, लेकिन साल की आखिरी तिमाही में इसमें सुधार के संकेत मिले, जो बताता है कि विदेशी पैसा धीरे-धीरे वापस आ रहा है।
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आगे कैसी रहेगी ग्रोथ?
कोलिअर्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक बादल यज्ञनिक ने कहा कि साल 2025 में भारतीय रियल एस्टेट में प्राइवेट इक्विटी निवेश एक नए शिखर पर पहुंच गया, जो कुल 8.5 अरब डॉलर रहा। साल की आखिरी तिमाही में रेकॉर्ड तोड़ निवेश हुआ। अकेले चौथी तिमाही 2025 में 4.2 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो किसी भी तिमाही में सबसे ज्यादा है। इससे लगता है कि इस सेक्टर में आगे और भी अच्छी खबरें आने वाली हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि ऑफिस सबसे ज्यादा पसंदीदा रहे, उसके बाद रेजिडेंशियल और इंडस्ट्रियल संपत्तियों का नंबर आया। उन्होंने उम्मीद जताई कि साल 2026 में घरेलू पूंजी के बढ़ने और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की क्षमता में सुधार के कारण संस्थागत निवेश और मजबूत होगा।
चौथी तिमाही रही खास
चौथी तिमाही बहुत खास रही, जिसमें 4.2 अरब डॉलर का निवेश आया। यह पिछले साल की समान तिमाही से दोगुना से भी ज्यादा था। बड़े और महत्वपूर्ण सौदों ने सालाना आंकड़ों को बढ़ाया। इनमें ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट का बेंगलुरु में 1.5 अरब डॉलर का ऑफिस सौदा और ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट का मुंबई में 1 अरब डॉलर का ऑफिस सौदा शामिल है। इन सौदों से पता चला कि निवेशक बड़े पैमाने पर आय देने वाली ऑफिस संपत्तियों को टॉप शहरों में पसंद कर रहे हैं।
ऑफिस सेक्टर सबसे आगे
ऑफिस सेक्टर निवेश में सबसे आगे रहा। साल 2025 में इसमें 4.5 अरब डॉलर का निवेश आया। यह 2024 के मुकाबले लगभग दोगुना है और कुल संस्थागत निवेश का 54% है। यह उछाल बड़े शहरों में ग्रेड ए ऑफिस की लीजिंग में मजबूती और स्थिर, REIT (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) के लिए तैयार संपत्तियों में निवेशकों की बढ़ती रुचि के साथ हुआ। रेजिडेंशियल सेगमेंट दूसरा सबसे बड़ा निवेश गंतव्य बनकर उभरा। इस सेक्टर में 1.6 अरब डॉलर का निवेश आया। यह पिछले साल से 36% ज्यादा है और कुल निवेश का 18% है।













