Whatsapp ने शुरू किया सिम-बाइंडिंग पर काम
हाल में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, वॉट्सऐप ने सिम-बाइंडिंग पर काम शुरू कर दिया है। WhatsApp के बीटा वर्जन 2.26.8.6 पर इससे जुड़ा एक पॉप-अप देखा गया है। इसका मतलब है कि WhatsApp, DoT यानी दूरसंचार मंत्रालय के आदेश पर काम कर रहा है। ऐसे में मान कर चला जा सकता है कि जल्द इसे भारतीय यूजर्स के लिए पेश कर दिया जाएगा। इसके बाद यूजर्स बिना सिम कार्ड को फोन में डाले, उस नंबर से जुड़ा अकाउंट फोन में नहीं चला पाएंगे। साथ ही फोन से सिम निकालने पर WhatsApp भी लॉगआउट हो जाएगा।
इस फीचर से जुड़ा एक पॉप-अप या कहें कि नोटिफिकेशन WA Beta Info ने अपने X अकाउंट पर शेयर किया है। WhatsApp के आने वाले फीचर्स पर जानकारी देने वाला यह एक पुख्ता स्त्रोत है। इस पॉप-अप को WhatsApp के बीटा वर्जन 2.26.8.6 पर देखा गया है। जहां साफ दिखाई दे रहा है कि यूजर से भारत सरकार के आदेशों के चलते फोन में अपने अकाउंट को एक्सेस करने के लिए उस अकाउंट से जुड़े नंबर का सिम लगाने के लिए कहा जा रहा है।
कंप्यूटर से हर 6 घंटे में लॉग-आउट
DoT के आदेश के अनुसार जो लोग WhatsApp का इस्तेमाल कंप्यूटर पर लिंक्ड डिवाइस के तौर पर करते हैं, उनका सेशन हर 6 घंटे में लॉग आउट हो जाएगा। WhatsApp कंप्यूटर पर चलने वाले सेशन को हर 6 घंटे में लॉगआउट कर देगा। इसके बाद कंप्यूटर पर WhatsApp को इस्तेमाल करने के लिए फिर से उसे मुख्य ऐप से लिंक करना होगा।
सिम बाइंडिंग क्या है?
पिछले साल DoT ने मैसेजिंग ऐप्स को आदेश दिया था कि वे अपने ऐप में सिम बाइंडिंग फीचर को पेश करें। सिम बाइंडिंग का मतलब है कि आपके फोन में उस WhatsApp अकाउंट का सिम जरूर होना चाहिए, जिसे आप फोन में चलाना चाहते हैं। इसका मतलब है कि लोग बिना सिम फोन में लगाए, किसी नंबर का WhatsApp अकाउंट फोन में नहीं चला सकेंगे। ऐसा लोगों की सुरक्षा और साइबर फ्रॉड को कम करने के लिए किया जा रहा है। गौर करने वाली बात है कि भारत में बड़ी संख्या में लोग फोन में बिना सिम लगाए भी दूसरे नंबर्स के अकाउंट इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में थोड़ी असुविधा WhatsApp चलाने में यूजर्स को भी होगी। यह आदेश WhatsApp, Telegram और Signal जैसे तमाम मैसेजिंग ऐप्स पर लागू होता है।













