केवल 57.9 प्रतिशत डिवाइस ही नए वर्जन पर चल रहे
Forbes की रिपोर्ट के अनुसार, एंड्रॉयड डिस्ट्रीब्यूशन से पता चला है कि सिर्फ 57.9 प्रतिशत डिवाइस ही एंड्रॉयड 13 या उससे नए वर्जन पर चल रहे हैं। दिसंबर तक, लेटेस्ट वर्जन एंड्रॉयड 16 का इस्तेमाल सिर्फ 7.5 प्रतिशत स्मार्टफोन में किया जा रहा था। वहीं, एंड्रॉयड 15 लगभग 19.3 प्रतिशत फोन में, एंड्रॉयड 14 लगभग 17.2 प्रतिशत और एंड्रॉयड 13 लगभग 13.9 प्रतिशत डिवाइस में थे। इसका मतलब है कि अभी भी बड़ी संख्या में फोन एंड्रॉयड 12 या उससे पुराने वर्जन पर चल रहे हैं और ये मैलवेयर और स्पाइवेयर की चपेट में आ सकते हैं।
गूगल ने दी ये सलाह
रिपोर्ट की मानें तो 2021 या उससे पहले लॉन्च हुए डिवाइस सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। Google ने यूजर्स से अपील की है कि अगर उनके फोन Android 13 या उससे ऊपर का वर्जन पर रन नहीं कर सकते हैं तो फोन को अपडेट ना करें। नए सॉफ्टवेयर वाले मिड-रेंज डिवाइस भी पुराने फ्लैगशिप फोन की तुलना में बेहतर सुरक्षा देते हैं।
हालांकि, यूजर्स की सुरक्षा के लिए गूगल प्ले प्रोटोक्ट Android 7 और नए वर्जन पर मैलवेयर का पता लगाने के लिए स्कैनिंग करता रहता है, लेकिन यह उन सिस्टम-लेवल सिक्योरिटी पैच की जगह नहीं ले सकता, जो एडवांस्ड हमलों को रोकने के लिए बहुत जरूरी हैं।
ऐसे देखें किस वर्जन पर चल रहा फोन
अपने फोन की सेटिंग में जाएं और फिर अवाउट फोन में जाकर एंड्रॉयड वर्जन चेक करें। अगर फोन में Android 12 या उससे पुराना वर्जन है तो उन्हें अपग्रेड नहीं किया जा सकता। इन फोन्स को बदल लेना ही ठीक होगा। Android 13 वाला एक मिड-रेंज डिवाइस भी पुराने फ्लैगशिप डिवाइस से ज्यादा सुर सुरक्षित होते हैं।
बता दें कि जिन स्मार्टफोन में अपडेट नहीं होता है, उनका इस्तेमाल पासवर्ड चुराने, मैसेज इंटरसेप्ट करने, बैंकिंग ऐप्स एक्सेस करने और अकाउंट खाली करने के लिए किया जा सकता है। ऐसे में Google यूजर्स को पर्सनल डेटा की सुरक्षा के लिए तुरंत अपडेटेड फोन पर स्विच करने की सलाह देता है।













