शो के जज, जिन्हें ‘टाइकून’ कहा जाता है, वे एक बच्चे को अपनी कंपनी का परिचय देते हुए देखकर दंग रह गए, जिसे वह यूनिकॉर्न बनाना चाहता है। पैनल में डॉ. ए. वेलुमणि, नीतीश मित्तरसेन, डॉ. आरती गुप्ता, आदित्य सिंह और अंकुर मित्तल शामिल थे। अथ्विक ने सभी को अपना एक कार्ड भी दिया और बताया कि वह अपने पोर्टल जोजो के जरिए इन्फॉर्मेशन का एक ‘ब्रह्मांड’ बनाना चाहता हैं। उन्होंने जजों को बताया कि उनके प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने वाले 500 ग्राहक पहले से ही मौजूद हैं।
‘भारत के सुपर फाउंडर्स’ में 11 साल के बच्चे ने चौंकाया
जब अथ्विक से पूछा गया कि वह बिजनेस चलाने के साथ-साथ पढ़ाई कैसे करते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘मैंने शुरुआत में ही जो एक बात सीखी, वह है समय का मैनेजमेंट करना – एक शेड्यूल बनाना और उसे फॉलो करना। एक और बात यह है कि मैं अपने स्कूल में टॉपर हूं। मैं जल्दी सीखता हूं, मैं पढ़ाई के लिए खुद को 60 मिनट देता हूं। फिर मैं अपना काम शुरू करता हूं, और बाद में खेलता हूं और एक नॉर्मल बच्चे की तरह जीवन जीता हूं।’
अथ्विक ने बताई प्रोडक्ट की कीमत
जजों ने प्रोडक्ट की कीमत और इस बात पर चिंता जताई कि क्या कार्ड सिर्फ एक दिखावटी चीज बनकर रह जाएगा। अथ्विक ने जवाब दिया, ‘हम सिर्फ कार्ड की बिक्री पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। क्योंकि कार्ड से आपको सिर्फ जरूरी सुविधाएं मिलती हैं, सभी नहीं। इसके लिए हमारे पास एक अलग सब्सक्रिप्शन मॉडल है। इसकी कीमत 99 रुपये से 599 रुपये तक है। ज्यादातर ब्रांड ग्राहक संबंध प्रबंधन (CRM) तक ही सीमित रह जाते हैं। हम इसे एक्टिव लीड्स में बांटते हैं। AI मॉडल सभी एक्टिव लीड्स की लिस्ट बनाएगा और आपको बताएगा कि कब और कैसे उनसे संपर्क करना है।’
सुनील शेट्टी ने कहा ‘छोटा पैकेट बड़ा धमाका’
अथ्विक ने 8% इक्विटी के लिए 2 करोड़ रुपये मांगे, लेकिन ज्यादातर जजों को नहीं लगा कि प्रोडक्ट फाइनल फेज में है। सभी जजों ने अथ्विक को मार्गदर्शन देने के लिए कहा, और आरती और अंकुर ने ब्रांड के लिए ऑफर भी रखा। नीतीश ने अथ्विक को 11 लाख रुपये दिए और यहां तक कि उन्हें अपनी कंपनी दिखाने के लिए भी बुलाया, जहां अथ्विक और भी संपर्क बना सकते हैं और सीख सकते हैं। सुनील शेट्टी भी बच्चे के कॉन्फिडेंस को देखकर दंग रह जाते हैं। अथ्विक की क्लिप जब से सोशल मीडिया पर सामने आई है, हर कोई उन्हें छोटा पैकेट बड़ा धमाका कह रहा है। यहां तक कि सुनील शेट्टी ने भी उन्हें यही कहा।













