इनमें 20 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। यह महाकुंभ एक महीने तक दिल्ली के 16 विभिन्न स्टेडियम और अलग-अलग वेन्यू जैसे बवाना, विकासपुरी, नजफगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में रखा जाएगा ताकि हर क्षेत्र के युवाओं को समान अवसर मिल सके। इस अवसर पर सूद ने ‘रणवीर’ नाम से ‘दिल्ली खेल महाकुंभ’ के मैस्कॉट का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि रणवीर दिल्ली के युवाओं की ऊर्जा, साहस और खेल भावना का प्रतीक है।
जीतने वाली टीमों और व्यक्तिगत स्पर्धाओं में जीतने वाले खिलाड़ियों को क्या इनाम मिलेगा?
शिक्षा मंत्री ने बताया कि टीम इवेंट्स में गोल्ड विजेता टीम को 1,75,000 रुपये, सिल्वर को 1,51,000 रुपये और ब्रॉन्ज विजेता टीम को 1,31,000 रुपये दिए जाएंगे। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में गोल्ड विजेता को 11,000 रुपये, सिल्वर को 9,000 रुपये और ब्रॉन्ज़ को 7,000 रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
आशीष सूद ने अपने बयान में क्या कहा?
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार ने खेलों को फिर से प्राथमिकता देते हुए राजधानी को देश की स्पोट्र्स कैपिटल बनाने का संकल्प लिया है। पिछली सरकार ने खेलों के लिए उचित बजट भी नही दिया तो दिल्ली के बच्चों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग भी नहीं लिया। वर्ष 2021-22 में खेलों का बजट 60 करोड़ रुपये था, 2022-23 में 41 करोड़, 2023-24 में 26 करोड़, वहीं 2024-25 तक यह 26 करोड़ रुपये रह गया। वर्तमान सरकार ने इस स्थिति को बदलते हुए वर्ष 2025-26 में खेल एवं युवा मामलों के लिए तीन गुना कर 76 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया।













