दिल्ली पुलिस ने भी शुरू में इसी दिशा में अपनी जांच शुरू करने की सोची। घायल शख्स का नाम है जय प्रकाश। 32 साल के इस शख्स पर चाकू से कई वार किए गए थे। उसकी पीठ ही नहीं पेट में चाकू गोदा गया था। पुलिस ने बार-बार पीड़ित से आरोपियों की शिनाख्त में मदद करने को कहा। लेकिन वो सहयोग करने को तैयार नहीं था। इससे यह शक गहराने लगा कि क्या यह मामला सच में सिर्फ लूटपाट का ही है? फिर जो सच सामने आया, वो हैरान कर देने वाला था।
क्या हुआ था 2 जनवरी को
2 जनवरी की रात को जय प्रकाश को हमले के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। ओल्ड कोंडली के रहने वाले इस व्यक्ति से कोंडली पुल के पास लूटपाट हुई थी और उसे चाकू मारकर घायल किया गया था। लेकिन पूछताछ के बावजूद भी वो जांच में आरोपियों की पहचान करने में सहयोग को तैयार नहीं था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने आसपास के CCTV खंगालने का फैसला किया।
150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले
दिल्ली पुलिस ने अब अपनी जांच की दिशा बदल दी थी और वो आसपास के सारे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई थी। 150 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज जांची गई। इनमें दिल्ली पुलिस को वो मिल गया, जिसकी उन्हें तलाश थी। एक फुटेज में कोंडली पुल जय प्रकाश साइकिल पर नहर वाले रोड की ओर बढ़ता दिखता है। हैरानी की बात यह थी कि वो अकेला नहीं था। हरी जैकेट पहने एक लड़का साइकिल पर पीछे बैठा हुआ था। करीब 23 मिनट के बाद जय प्रकाश कोंडली मोड़ पर घायल पड़ा मिलता है और नाबालिग लड़का पीछे से दौड़ता हुआ दिखता है।
बदले की कहानी, पीड़ित ही निकला ‘गुनहगार’
अब पुलिस का शक पुख्ता हो गया था कि इसी नाबालिग लड़के ने हमला करवाया है। पूछताछ में उसने पूरी कहानी उगल दी। उसने बताया कि देवराज नाम के एक व्यक्ति के साथ मिलकर उसने हमला करने की योजना बनाई थी। इसके बाद देवराज को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद देवराज ने सारे खुलासे किए।
जय प्रकाश ने किया था यौन उत्पीड़न
देवराज ने बताया कि जय प्रकाश से बदला लेने के लिए यह साजिश रची गई थी। उसने नाबालिग का यौन शोषण किया था, जिसके बाद से वह गुस्से में था। इसलिए हम मिलकर बदला लेना चाहते थे। इसी के चलते दोनों ने जय प्रकाश को लूटने की योजना बनाई। जैसे ही वह सुनसान इलाके में पहुंचा, दोनों ने उसका मोबाइल छीन लिया और पैसा लूट लिया। नाबालिग ने भी इस सच पर सहमति जताई। दिल्ली पुलिस ने अब इस मामले में पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।














