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  • 200 लड़ाकू विमान, 500 सैन्य ठिकानें: इजरायल ने ईरान में कैसे मचाया कोहराम? किया अब तक का सबसे भीषण हमला

    तेल अवीव: इजरायल ने शनिवार को अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर जोरदार हमला किया। इन हमलों में इजरायली वायुसेना के 200 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान ईरान में 500 से ज्यादा लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। इसे इजरायल का ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है। इसके


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    By Azad Hind Desk फरवरी 28, 2026
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    तेल अवीव: इजरायल ने शनिवार को अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर जोरदार हमला किया। इन हमलों में इजरायली वायुसेना के 200 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान ईरान में 500 से ज्यादा लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। इसे इजरायल का ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है। इसके लिए इजरायली लड़ाकू विमानों ने अमेरिका के साथ मिलकर करीब एक महीने तक तैयारी की थी। हालांकि, अमेरिका ने सिर्फ मिसाइलों से ही ईरान में लक्ष्यों पर हमले किए हैं। वहीं, इजरायल का कहना है कि वह ईरान के साथ महीने भर तक सैन्य संघर्ष के लिए पूरी तरह से तैयार है।

    इजरायल ने ईरान पर कैसे किया हमला?

    IDF ने ईरान पर हमले का वीडियो भी जारी किया है। इसमें ईरान पर इजरायली हमले की दो प्रमुख लहरें दिखाई दे रही हैं। पहली लहर में इजरायल ने दर्जनों रडार और एंटी-एयरक्राफ्ट डिफेंस सिस्टमों को निशाना बनाया, खासकर ईरान के उस हिस्से में जो इजरायल और तेहरान इलाके के करीब था। दूसरी लहर के दौरान, ईरानी वायुसेना ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम पर हमला किया ताकि इजरायली होम फ़्रंट पर हमला करने की उसकी क्षमता को कम किया जा सके। तबरीज इलाके में, IDF ने एक बड़ी जगह पर हमला किया, जहां से ईरान ने इजरायल पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।

    ट्रंप ने ईरानी लोगों से तख्तापलट की अपील की

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू होने की घोषणा करते हुए एक वीडियो के माध्यम से ईरान के लोगों से कहा, ‘‘जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तो अपनी सरकार पर कब्ज़ा कर लेना। वह तुम्हारी होगी जिसकी बागडोर तुम अपने हाथ में ले सकोगे। संभवतः आने वाली कई पीढ़ियों में यह तुम्हारे पास एकमात्र मौका होगा। कई वर्षों से आप अमेरिका से मदद मांगते रहे हैं, लेकिन आपको कभी मदद नहीं मिली।’’ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस व्यापक लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा संयुक्त अभियान बहादुर ईरानी लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियां पैदा करेगा, जिससे वे अपने भविष्य का फैसला खुद अपने हाथों में ले सकें।’’

    ईरान-अमेरिका में बढ़ा तनाव

    ईरान पर ये हमले ऐसे समय में हुए जब हाल के हफ्तों में तनाव काफी बढ़ गया था। अमेरिकी युद्धपोत क्षेत्र में तैनात किए जा चुके थे और ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए एक समझौता चाहते हैं। यह उस समय हो रहा है जब देश के भीतर भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं और राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है।शनिवार के हमलों का तात्कालिक कारण परमाणु वार्ता का नवीनतम दौर विफल होना प्रतीत होता है। लेकिन ये हमले क्षेत्र भर में हुए नाटकीय परिवर्तनों को भी दर्शाते हैं, जिन्होंने ईरान के नेतृत्व को लगभग आधी सदी पहले हुई इस्लामी क्रांति के बाद से सबसे कमजोर स्थिति में ला खड़ा किया है।

    इजरायल के निशाने पर ईरान

    पिछले साल जून में इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों ने ईरान की हवाई सुरक्षा, सैन्य नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को काफी कमजोर कर दिया था। 7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा इजराइल पर किए गए हमले के परिणामस्वरूप शुरू हुए क्षेत्रीय युद्ध ने पश्चिम एशिया में ईरान के परोक्ष नेटवर्क को काफी कमजोर कर दिया है। वहीं, अमेरिकी प्रतिबंधों और वैश्विक अलगाव ने ईरान की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

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