समझौते के मुताबिक, अडानी लॉजिस्टिक्स ने एवेन्यू सुपरमार्ट्स को 66,250 वर्ग फुट की वेयरहाउसिंग जगह सब-लीज पर दी है। इसके लिए शुरुआत में हर महीने 20.20 लाख रुपये किराया देना होगा। इस सब-लीज एग्रीमेंट पर 24 दिसंबर को मुहर लगी थी और रिटेलर ने इसके लिए 1.21 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट भी जमा की है। इस समझौते में 6 साल का लॉक-इन पीरियड भी शामिल है। दस्तावेजों से पता चला है कि लीज की अवधि के दौरान हर तीन साल में किराया 12% बढ़ेगा। 28 साल की लंबी लीज अवधि यह बताती है कि कंपनी इस जगह को लेकर बहुत गंभीर है और लंबे समय तक यहां अपना काम-काज जमाना चाहती है।
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ग्राहकों के करीब है जगह
पनवेल मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में एक अहम लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब बन गया है। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार इसकी वजह है मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी से इसकी नजदीकी और बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी। इस इलाके में रिटेलर्स, ई-कॉमर्स कंपनियों और थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर्स की तरफ से बड़े वेयरहाउस की मांग लगातार बनी हुई है, क्योंकि ये जगहें ग्राहकों के करीब हैं।
एवेन्यू सुपरमार्ट्स के लिए, पनवेल की यह डील उनके सप्लाई चेन नेटवर्क को और मजबूत करती है। कंपनी अपने रिटेल बिजनेस को लगातार बढ़ा रही है। वेयरहाउसिंग, रिटेलर के इन्वेंटरी-आधारित बिजनेस मॉडल के लिए बहुत जरूरी है। इससे कंपनी अपने खर्चों को कंट्रोल कर पाती है और सामान की आवाजाही को बेहतर तरीके से मैनेज कर पाती है।
मुनाफा कमा रही अडानी लॉजिस्टिक्स
यह डील लॉजिस्टिक्स सेक्टर में एक बड़ा कदम है। अडानी लॉजिस्टिक्स जैसी कंपनियां अपनी प्रॉपर्टी को लीज पर देकर अच्छा मुनाफा कमा रही हैं। वहीं, डीमार्ट जैसी रिटेल कंपनियां अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए ऐसी जगहों का इस्तेमाल कर रही हैं। पनवेल जैसे इलाके, जो ट्रांसपोर्टेशन हब के करीब हैं, लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रहे हैं। यहां से सामान को देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाना आसान हो जाता है।












