केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के एक प्रमुख संगठन केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और श्रमिक महासंघ (CCGEW) ने कुछ समय पहले कैबिनेट सचिव को एक नोटिस जारी किया था। इसमें कहा गया है कि अगर 8वें वेतन आयोग (8th CPC) और अन्य मुद्दों से जुड़ी उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे 12 फरवरी, 2026 को एक दिन की हड़ताल करेंगे। बजट 2026 ने 8वें वेतन आयोग पर कोई तत्काल राहत नहीं दी, जिससे लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इंतजार करना पड़ रहा है।
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क्या कहा गया है बजट में?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश करते हुए पूंजीगत व्यय, बुनियादी ढांचे और सुधारों पर जोर दिया। लेकिन उन्होंने 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन या पेंशन में संशोधन के लिए किसी आवंटन या समय-सीमा का उल्लेख नहीं किया। अधिकारियों और विश्लेषकों का कहना है कि यह संभवतः आयोग के शुरुआती चरण को दर्शाता है। आयोग को अपना काम पूरा करने के लिए 18 महीने तक का समय है, इसलिए इसकी सिफारिशें वित्तीय वर्ष 27 तक तैयार होने की संभावना नहीं है। ऐसे में तत्काल वेतन वृद्धि वित्तीय रूप से जल्दबाजी होगी।
क्या हैं CCGEW की प्रमुख मांगें?
- कर्मचारी संगठन ने कैबिनेट सचिव को लिखा है कि वे 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) में बदलाव करें।
- इसमें कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी से जुड़े सुझावों/विचारों को शामिल किया जाए।
- उन्होंने यह भी कहा है कि 50% महंगाई भत्ता (DA)/महंगाई राहत (DR) को मूल वेतन/पेंशन में मिला दिया जाए।
- साथ ही 1 जनवरी, 2026 से वेतन/पेंशन का 20% अंतरिम राहत के तौर पर दिया जाए।
- केंद्र सरकार नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को बंद कर दे और सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करे।
वेतन वृद्धि की घोषणा क्यों नहीं हुई?
8वें वेतन आयोग ने अभी तक अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप नहीं दिया है। इसलिए सरकार ने उच्च वेतन या पेंशन के लिए बजट प्रावधान करने से परहेज किया। वित्तीय प्रभाव को अवशोषित करने के लिए कोई विशेष आवंटन न होने के कारण, वित्तीय वर्ष 26-27 में किसी भी वृद्धि की संभावना कम है।













