दिसंबर तिमाही में कंपनी की कुल इनकम 64% तेजी के साथ 7,263 करोड़ रुपये पहुंच गई। इस दौरान मुथूट फाइनेंस का एसेट अंडर मैनेजमेंट 51% की तेजी के साथ 1.48 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इसमें गोल्ड लोन की हिस्सेदारी 1.40 लाख करोड़ रुपये है। फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों के दौरान कंपनी की प्रॉफिट ऑफ्टर टैक्स 91% चढ़कर 7,048 करोड़ रुपये पहुंच गया जो पिछले साल समान अवधि में 3,693 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी को लोन एयूएम 1,47,552 करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल के मुकाबले 51% अधिक है।
8 दिन में ₹6 लाख करोड़ स्वाहा! क्या $250 अरब की भारतीय आईटी इंडस्ट्री को बर्बाद कर देगा AI?
शेयर की चाल
जेफरीज ने मुथूट फाइनेंस के लिए अपनी बाय रेटिंग जारी रखते हुए 4,750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। CLSA ने भी आउटपरफॉर्म रेटिंग बरकरार रखते हुए 4,600 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस बीच नुवामा ने इस शेयर पर बाय रेटिंग बरकरार रखते हुए प्राइस टारगेट 4,000 रुपये से बढ़ाकर 4,700 रुपये कर दिया है। इसका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर 1,964.35 रुपये है। कंपनी का शेयर पिछले साल 11 अप्रैल को इस स्तर पर पहुंचा था। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 4,149 रुपये है। इसी साल 29 जनवरी को मुथूट फाइनेंस का शेयर इस मुकाम पर पहुंचा था।
(डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, आज़ाद हिन्द के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।)













