‘पहले सेटल होने का तय किया टारगेट’
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सरफराज खान ने कहा कि जब मैं पिच पर आया तो रनरेट बहुत तेज नहीं था, क्योंकि दोनों ओपनर्स ने मुश्किल भरे पहले घंटे को बिताने का टारगेट बनाया था। सुबह के समय पिच थोड़ी मुश्किल थी, क्योंकि गेंद बेहद मूवमेंट कर रही थी। मैंने सबसे पहले पिच पर सेटल होने का टारगेट तय किया और उसके आसान होने पर अटैक करने का फैसला लिया। प्लान था कि ज्यादा से ज्यादा रन बनाओ और एक मजबूत टारगेट सेट करो।
कैसे बढ़ाई अपनी पारी आगे
सरफराज ने यह भी बताया कि कैसे उन्होंने अपनी पारी के स्टेप बाय स्टेप आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जब मैं क्रीज पर आया तो मेरा छोटा भाई मुशीर बढ़िया बैटिंग कर रहा था। वह पहले फिफ्टी तक पहुंच गया। मैंने बहुत सारे वनडे खेले हैं और मैं जानता हूं कि पारी को कैसे तेज करना है। मैं स्वीप और कट अच्छे खेलता हूं। इस फॉर्मेट में आप 5 से ज्यादा फील्डर्स को बाहर नहीं रख सकते हैं। इसके चलते मुझे अपने शॉट्स खेलने में मदद मिली।
यह भी बताया किस बात का है अफसोस
सरफराज ने 75 गेंद में 157 रन बनाए, जिसमें उन्होंने 14 छक्के लगाए। इसके बाद भी उन्हें एक अफसोस है। उन्होंने इस बारे में भी साझा किया है। उन्होंने कहा,’हमारा (सरफराज और मुशीर का) एक कॉमन टारगेट है कि हम दोनों एक ही मैच में शतक बनाएं। हम इस सीजन में रणजी ट्रॉफी में इसके करीब आए थे। पिछले सप्ताह भी हम ऐसा करने के करीब थे, लेकिन हम दोनों ही फिफ्टी बनाकर आउट हो गए। आज (बुधवार को) मुशीर बढ़िया बैटिंग कर रहा था और मैं सोच रहा था कि हम ऐसा (दोनों के शतक बनाने का काम) कर सकते हैं, लेकिन सपने इतनी जल्दी सच नहीं होते हैं।’













