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  • कुणाल खेमू और उनके पिता के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत, अदालत ने पुलिस से मांगा है जवाब

    मुंबई की एक अदालत ने बॉलीवुड एक्टर कुणाल खेमू और उनके पिता रवि खेमू के खिलाफ दर्ज कथित आपराधिक धोखाधड़ी एवं विश्वासघात की शिकायत पर पुलिस से जवाब-तलब किया है। ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट, फर्स्ट क्लास (अंधेरी कोर्ट) सुजीत कुमार सी. तायडे ने 29 दिसंबर को दिए एक आदेश में कहा कि इंडियन सिविल डिफेंस कोड की


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    By Azad Hind Desk जनवरी 1, 2026
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    मुंबई की एक अदालत ने बॉलीवुड एक्टर कुणाल खेमू और उनके पिता रवि खेमू के खिलाफ दर्ज कथित आपराधिक धोखाधड़ी एवं विश्वासघात की शिकायत पर पुलिस से जवाब-तलब किया है। ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट, फर्स्ट क्लास (अंधेरी कोर्ट) सुजीत कुमार सी. तायडे ने 29 दिसंबर को दिए एक आदेश में कहा कि इंडियन सिविल डिफेंस कोड की धारा 175 (3) के अनुसार, मामले पर संज्ञान लेते हुए समय संबंधित पुलिस अधिकारी के बयान पर विचार करना आवश्यक है।

    उन्होंने इसके बाद मुंबई के अंबोली पुलिस थाना के प्रभारी को मामले में अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया। फिल्म प्रड्यूसर रवि दुर्गाप्रसाद अग्रवाल ने एक्टर पिता-पुत्र पर करीब दो दशक पुरानी एक फिल्म प्रॉजेक्ट को लेकर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक धमकी का आरोप लगाया है।

    लीड रोल निभाने के लिए सम्पर्क किया था

    अग्रवाल ने एडवोकेट वेदिका चौबे के जरिये दायर अपनी शिकायत में कहा कि वह ‘ओवरटेक’ नामक एक हिंदी फिल्म का निर्माण कर रहे थे और उन्होंने कुणाल खेमू से लीड रोल निभाने के लिए सम्पर्क किया था।

    एक्टर को 21 लाख रुपये का भुगतान

    शिकायत के मुताबिक, बातचीत और फिल्म की कहानी सुनने के बाद कुणाल खेमू उस फिल्म में काम करने के लिए तैयार हो गए थे। अग्रवाल के मुताबिक, कुणाल खेमू और उनके पिता से आश्वासन मिलने के बाद, एक्टर को पेशगी के रूप में 21 लाख रुपये का भुगतान किया गया।

    इससे पहले 2014 में कोर्ट का रुख किया था

    प्रड्यूसर ने आरोप लगाया कि आरोपी पिता-पुत्र ने पेशगी की रकम लेने के बावजूद अपना वादा पूरा नहीं किया और दोनों ने एक्स्ट्रा पैसों की मांग की, जिससे उसे कारोबार में भारी नुकसान हुआ। अग्रवाल ने इससे पहले 2014 में कोर्ट का रुख किया था लेकिन मामला 2017 में खारिज कर दिया गया था। उन्होंने नई शिकायत में कहा कि समझौते की कोशिशें नाकाम होने और आरोपियों की ओर से नई धमकियों के बाद कार्रवाई का एक नया कारण पैदा हुआ है।

    मामले की जांच करने का निर्देश

    शिकायत के मुताबिक, अग्रवाल ने जनवरी 2024 में अंबोली पुलिस थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अग्रवाल ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि पुलिस को एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच करने का निर्देश दिया जाए।

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