अमेरिकी कानून क्या कहता है?
अमेरिकी कानून के अनुसार, किसी अमेरिकी नागरिक के पति या पत्नी को निकट संबंधी माना जाता है। इससे वे अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) के जरिए ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने के योग्य हो जाते हैं। लेकिन इमिग्रेशन वकीलों का कहना है कि योग्यता का मतलब मंजूरी नहीं है। न्यूज 18 की रिपोर्ट में इमिग्रेशन वकील ब्रैड बर्नस्टीन के हवाले से कहा गया कि सिर्फ शादी करने से ग्रीन कार्ड नहीं मिल जाता।
ग्रीन कार्ड आवेदनों की कड़ी जांच
बर्नस्टीन ने कहा कि अब शादी पर आधारिक ग्रीन कार्ड आवेदनों को बहुत ज्यादा बारीकी से जांचा जा रहा है। खासतौर पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान इसमें तेजी आई है। अधिकारी शादी की कानूनी स्थिति पर कम और इस बात पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं कि क्या यह असल में सच्ची शादी है। ट्रंप प्रशासन ने इमिग्रेशन को लेकर सख्त नीति अपनाई है, जिसमें डायवर्सिटी वीजा लॉटरी को सस्पेंड करना भी शामिल है। इससे हर साल लगभग 50000 आप्रवासियों को वीजा दिया जाता था।
ग्रीन कार्ड के लिए केवल शादी ही पर्याप्त नहीं
बर्नस्टीन ने आगे बताया कि शादी के आधार पर ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए अब साथ रहना एक निर्णायक फैक्टर बन गया है। उन्होंने कहा, सिर्फ रिलेशनशिप में होने से आपको ग्रीन कार्ड नहीं मिलता। साथ रहने से मिलता है। इसके साथ ही चेतावनी दी कि जो कपल शादी कर चुके हैं लेकिन अलग रहते हैं, उनके आवेदन खारिज होने का खतरा सबसे ज्यादा है।
ये गलती पड़ सकती है भारी
बर्नस्टीन के अनुसार, अगर पति-पत्नी एक ही घर में नहीं रहते हैं तो उनका ग्रीन कार्ड केस पहले ही खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि इमिग्रेशन अधिकारी अलग रहने के लिए काम, पढ़ाई, पैसे या सुविधा जैसी वजहों को नहीं सुनते हैं। अलग रहने वाले जोड़ों की ज्यादा जांच होती है। इसमें शादी में धोखाधड़ी की संभावना, मुश्किल इंटरव्यू और कई बार आवेदन को सीधे खारिज कर दिया जाता है। अगर कपल एक ही घर में साथ नहीं रहते हैं तो इमिग्रेशन अधिकारी शादी पर सवाल उठाना शुरू कर देते हैं। सवाल उठाने का मतलब है कि वे जांच करते हैं और जब जांच करते हैं तो वे न करने का रास्ता ढूढ़ते हैं।














