‘भारत इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा’
उमर खालिद के लिए पिछले साल दिसंबर में लिखे गए न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के नोट के खुलासे पर बीजेपी बहुत ही भड़की हुई है। शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पार्टी मुख्यालय में कहा, ‘अगर कोई व्यक्ति किसी आरोपी का समर्थन करता है, भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणियां करता है, तो भारत इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत के प्रत्येक नागरिकों को भारत की न्यायपालिका पर पूरी आस्था है।’
‘कोई भी बाहरी व्यक्ति होता कौन है’
बीजेपी नेता ने सवाल किया कि ‘हमारे लोकतंत्र और न्यायपालिका पर सवाल उठाने वाला कोई बाहरी होता कौन है? वह भी उस व्यक्ति के समर्थन में जो भारत के टुकड़े करना चाहता है? यह सही नहीं है…जब भारत के संप्रभुता की बात आती है तो 140 करोड़ भारतीय इसके खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खड़े रहेंगे।’
उमर खालिद की ‘पार्टनर’ ने शेयर किया
जोहरान ममदानी ने उमर खालिद के लिए जो नोट लिखा है, उसे गुरुवार (1 जनवरी,2026) को उस दिन जारी किया गया, जब उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर के तौर पर कुरान की शपथ ली। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार उनका यह नोट उमर खालिद की ‘पार्टनर’ बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर शेयर किया है। इस नोट में ममदानी ने खालिद को लिखा है, ‘प्रिय उमर….आपके माता-पिता से मिलकर बहुत अच्छा लगा। आपके बारे में हम सब सोच रहे हैं।’
‘ 9 दिसंबर को मिस्टर ममदानी से मिले थे’
लाहिड़ी के अनुसार खालिद की मां साहिबा खानम और पिता सैयद कासिम रसूल इलियास परिवार की एक शादी से पहले अपनी बेटी के पास अमेरिका गए थे। इसको लेकर इलियास ने उस अखबार से बात करते हुए बताया, ‘हम जब अमेरिका गए तो 9 दिसंबर को हम मिस्टर ममदानी से मिले थे…उन्हें उमर की डायरी से हमने पहले (2023 में) एक खत पढ़ते हुए सुना था और हमारी उनसे मिलने की इच्छा थी। उन्होंने अपना 25 मिनट का समय हमें देकर हमपर कृपा की। मुलाकात के आखिर में उन्होंने कहा कि वह उमर को एक चिट्ठी देना चाहते हैं और हमारे निकलने से पहले कुछ लाइनें लिखीं।’
दिल्ली दंगों का आरोपी है उमर खालिद
उमर के पिता ने बताया, ‘जब उमर बहन की शादी में शामिल होने के लिए कुछ दिनों के लिए घर आया तो हमने वह खत उसे दिखाया।’ खालिद को बहन की शादी में शामिल होने के लिए तिहाड़ जेल से दो हफ्तों की अंतरिम जमानत पर छोड़ा गया था। खालिद पर 2020 के दिल्ली दंगों के मास्टरमाइंड होने का आरोप है और उसपर आईपीसी की गंभीर धाराओं के साथ ही यूएपीए के तहत भी मुकदमा दर्ज है।













