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  • भारत के बायकॉट का असर नहीं, चीन और रूस ने की मदद से इस पड़ोसी देश ने रच दिया इतिहास

    माले: भारत के एक पड़ोसी देश ने भारतीयों के बायकॉट के बावजूद इतिहास रच दिया है। इस देश का नाम मालदीव है। मालदीव ने पिछले साल यानी 2025 में रिकॉर्ड संख्या में विदेशी पर्यटकों की मेजबानी की। मालदीव के पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पर्यटन उद्योग के इतिहास में पहली बार तीन अलग-अलग देशों


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    By Azad Hind Desk जनवरी 4, 2026
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    माले: भारत के एक पड़ोसी देश ने भारतीयों के बायकॉट के बावजूद इतिहास रच दिया है। इस देश का नाम मालदीव है। मालदीव ने पिछले साल यानी 2025 में रिकॉर्ड संख्या में विदेशी पर्यटकों की मेजबानी की। मालदीव के पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पर्यटन उद्योग के इतिहास में पहली बार तीन अलग-अलग देशों से 200000 से ज्यादा पर्यटक एक ही साल में मालदीव आए। हालांकि, मालदीव पहुंचने वाले पर्यटकों की टॉप तीन देशों की लिस्ट से भारत बाहर है।

    किन देशों के पर्यटक सबसे ज्यादा मालदीव पहुंचे

    2025 की ताजा आगमन रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा पर्यटक चीन, रूस और यूनाइटेड किंगडम से आए। चीन सबसे बड़ा सोर्स मार्केट था, जहां से 300,000 से ज्यादा पर्यटक मालदीव पहुंचे। इसके बाद रूस और यूनाइटेड किंगडम से 200000 से ज्यादा पर्यटक आए। पिछले सालों में, टॉप दो सोर्स मार्केट से 200000 से ज्यादा पर्यटक आए थे। हालांकि, यह पहली बार है कि तीसरे स्थान पर रहे देश से 200000 से ज्यादा पर्यटक आए हैं।

    चीन के कितने पर्यटक मालदीव पहुंचे

    मालदीव पहुंचने वाले पर्यटकों में चीन इस साल पहले स्थान पर रहा। चीन से 329,286 पर्यटक मालदीव आए, जो 2017 के बाद पहली बार 300000 से ज्यादा थे। हालांकि, चीन से सबसे ज्यादा पर्यटकों का रिकॉर्ड वर्ष 2015 में 359,514 पर्यटकों का है, जो 2025 में नहीं टूटा। चीन और भारत को छोड़कर, जो देश पिछले साल पर्यटकों के मामले में टॉप दस में थे, उन सभी देशों से पर्यटकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर थी।

    मालदीव को क्या उम्मीद

    पिछले साल, मालदीव में रिकॉर्ड 2200000 पर्यटक आए थे, लेकिन इसके बावजूद अनुमानित 2300000 का लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया। हालांकि, साल-दर-साल, पर्यटकों के आगमन में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मालदीव की सरकार को उम्मीद है कि इस साल भी पर्यटन उद्योग में बढ़ोतरी जारी रहेगी। देश के स्वीकृत राज्य बजट का अनुमान है कि 2026 में 2400000 पर्यटक मालदीव आएंगे।

    मालदीव का बायकॉट क्यों कर रहे भारतीय

    मालदीव में मोहम्मद मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद भारत के साथ संबंध तनावपूर्ण बन गए थे। इन संबंधों में रही-सही कसर को उनके तीन मंत्रियों ने पूरा कर दिया था। उन्होंने पीएम मोदी के लक्षद्वीप यात्रा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इतना ही नहीं, मुइज्जू ने भी भारत के खिलाफ कई बड़े फैसले लेकर मामले को और ज्यादा बिगाड़ दिया। इससे दोनों देशों के संबंध निचले स्तर पर पहुंच गए और भारतीयों ने मालदीव के बायकॉट का ऐलान कर दिया। यही कारण है कि अब बहुत कम संख्या में भारतीय पर्यटक मालदीव जा रहे हैं।

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