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  • तेजस के 25 साल पूरा होने पर एयरफोर्स चीफ ने कह दी बड़ी बात, जानें क्या बोले एयर मार्शल एपी सिंह

    नई दिल्ली : एयरफोर्स चीफ एयर मार्शल ए पी सिंह ने रविवार को कहा कि तेजी से बदलते सुरक्षा परिवेश में भारतीय वायु सेना को ऑपरेशन की दृष्टि से तैयार रखने के लिए वैमानिकी विकास एजेंसी (एडीए) को सप्लाई समयसीमा का सख्ती से पालन करना चाहिए। वायु सेना प्रमुख यहां ‘सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स’ (सीएबीएस)


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    By Azad Hind Desk जनवरी 4, 2026
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    नई दिल्ली : एयरफोर्स चीफ एयर मार्शल ए पी सिंह ने रविवार को कहा कि तेजी से बदलते सुरक्षा परिवेश में भारतीय वायु सेना को ऑपरेशन की दृष्टि से तैयार रखने के लिए वैमानिकी विकास एजेंसी (एडीए) को सप्लाई समयसीमा का सख्ती से पालन करना चाहिए। वायु सेना प्रमुख यहां ‘सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स’ (सीएबीएस) में एडीए की तरफ से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘एयरोनॉटिक्स 2047’ का उद्घाटन करने के बाद एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। वायुसेना प्रमुख ने इस उपलब्धि पर एडीए को बधाई दी।

    5,600 से अधिक सफल फ्लाइट ट्रायल

    एयरोनॉटिक्स 2047 LCA तेजस के शुरुआती डिजाइन स्केच से लेकर ऑपरेशनल स्क्वाड्रन तक के सफर को भी दिखाएगा। ADA की तरफ से डिजाइन और डेवलप किए गए तेजस ने 5,600 से अधिक सफल फ्लाइट ट्रायल पूरे किए हैं। रक्षा मंत्रालय (MoD) ने कहा कि सरकारी लैब, एकेडमिक संस्थानों और इंडस्ट्री पार्टनर सहित 100 से अधिक डिजाइन और डेवलपमेंट सेंटर ने इस प्रोग्राम में योगदान दिया है।

    इस कोशिश से कार्बन कंपोजिट, हल्के मटीरियल, फ्लाई-बाय-वायर फ्लाइट कंट्रोल, डिजिटल यूटिलिटी मैनेजमेंट सिस्टम और ग्लास कॉकपिट जैसी कई खास टेक्नोलॉजी डेवलप हुईं, जिससे तेजस चौथी पीढ़ी के फाइटर एयरक्राफ्ट के रूप में सामने आया। इस मौके पर हल्के लड़ाकू विमान तेजस उड़ान कार्यक्रम के 25 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया गया।

    डीआरडीओ का भविष्य की चुनौतियों पर जोर

    रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव समीर वी. कामत ने आयात पर निर्भरता कम करने और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए स्वदेशी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के विकास के महत्व पर जोर दिया। बयान में कहा गया है कि इस संगोष्ठी में वैमानिकी के विकास, डिजाइन नवाचार, विनिर्माण और भविष्य की चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, औद्योगिक भागीदार, शिक्षाविद और वक्ता एक मंच पर आए हैं।

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