हालात के बारे में बात करते हुए, विदेश मामलों की संसदीय समिति के चेयरमैन थरूर ने भारतीय लेखक कपिल कोमिरेड्डी की एक पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का पिछले कुछ सालों से उल्लंघन किया जा रहा है। आज जंगल का कानून चल रहा है। ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ ही नया नियम है।
अंतरराष्ट्रीय कानूनों का एकतरफा उल्लंघन
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने भी कांग्रेस की तरफ से एक बयान जारी कर कहा कि INC पिछले 24 घंटों में वेनेजुएला को लेकर अमेरिका की कार्रवाई पर गहरी चिंता जताती है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तय सिद्धांतों का एकतरफा उल्लंघन नहीं किया जा सकता। इस बीच, कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे ’19वीं सदी का साम्राज्यवाद’ कहा।
उन्होंने X पर लिखा कि क्रूज मिसाइल से सत्ता बदलना, युद्धपोत से लोकतंत्र लाना, और खुद बनाए गए सिद्धांत के तहत संप्रभुता को फिर से लिखना? यह नेतृत्व नहीं है, यह 21वीं सदी की भाषा में 19वीं सदी का साम्राज्यवाद है। अगर अंतरराष्ट्रीय कानून सिर्फ कमजोरों के लिए मायने रखता है, तो UN को बंद हो जाना चाहिए। दुनिया नियमों की हकदार है, पागल शासकों की नहीं।
तो पीएम 26/11 के मास्टरमाइंड ला सकते हैं पीएम
AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अमेरिका ने एक ऐसा उदाहरण पेश किया है जिसे भारत को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा, “आज हमने सुना कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया और उन्हें उनके देश से अमेरिका ले गए। अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके अपने देश से अगवा कर सकते हैं, तो आप (प्रधानमंत्री मोदी) भी पाकिस्तान जाकर 26/11 आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड को भारत वापस ला सकते हैं।
शाइना एनसी का ओवैसी को जवाब
शिवसेना नेता शायना एनसी ने भी AIMIM नेता पर पलटवार करते हुए कहा कि असदउद्दीन ओवैसी, आप चिंता न करें। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। हमने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए बेमिसाल ताकत दिखाई है, हमने मिसाइलें लॉन्च की हैं, हमने पाकिस्तान से आतंकवाद खत्म किया है… हमने तो तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण भी करवाया है… आपकी तरह हम तुष्टीकरण की राजनीति नहीं करते… आप अपनी तुष्टीकरण की राजनीति करते रहें, और हम अपना काम करते रहेंगे। शाइना एनसी ने वेनेजुएला में बिगड़ते हालात के बारे में भी बात की।
संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का घोर उल्लंघन : वाम दल
वामपंथी दलों ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले को रविवार को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन करार दिया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बयानों की भी कड़ी निंदा की। वाम दलों ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ यहां जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी किया। उन्होंने एक बयान में कहा कि वे वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी आक्रामकता और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के अपहरण की कड़ी निंदा करते हैं।
वेनेजुएला पर हमला, राष्ट्रपति को पकड़ा
शनिवार सुबह अमेरिका ने वेनेजुएला पर कई हवाई हमले किए। इस बड़े हमले की पुष्टि कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की। हमलों के बाद राजधानी में दहशत फैल गई। इसके बाद वेनेजुएला के अधिकारियों ने इमरजेंसी की घोषणा कर दी। इन हमलों में कम से कम 40 लोग मारे गए। इसके बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को अमेरिका ने पकड़ कर अपने यहां ले आया।













