बजट में महिलाओं के लिए खास क्रेडिट कार्ड, लोन और बीमा प्लान की घोषणाएं हो सकती हैं। सरकार पिछले साल के बजट में शुरू की गई योजनाओं जैसे कि ग्रामीण क्रेडिट स्कोर और पहली बार कारोबार शुरू करने वालों के लिए आर्थिक मदद को और आगे बढ़ाना चाहती है। एक अधिकारी ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में छोटे कारोबारों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को कर्ज की जरूरतें पूरी करने में मदद करने के लिए भी कई सुझावों पर विचार किया जा रहा है।
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चालू हो सकते हैं बंद खाते
एक अधिकारी ने बताया कि सरकार जन सुरक्षा योजनाओं का दायरा बढ़ाने और पॉलिसीधारकों को ज्यादा बीमा सुरक्षा चुनने का विकल्प देने पर भी विचार कर रही है। नीति आयोग प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) का मूल्यांकन कर रहा है। इसका मकसद उन खातों को फिर से सक्रिय करना है जो इस्तेमाल में नहीं हैं। साथ ही इन खातों में बीमा और कर्ज की सुविधा बढ़ाकर लोगों को उन्हें चालू रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।
क्या है सरकार का प्लान?
एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि इसका लक्ष्य 100% लोगों तक पहुंचना है। उन्होंने यह भी बताया कि नीति आयोग का मानना है कि इन खातों के जरिए कर्ज की सुविधा को बढ़ाना और वित्तीय साक्षरता (पैसे के बारे में जानकारी) की कमी को दूर करना जरूरी है। इससे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी। यह सब PMJDY योजना के बड़े मूल्यांकन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सरकार की वित्तीय समावेशन (सभी को बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जोड़ना) की पहल को साल 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के लक्ष्य के साथ जोड़ना है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ग्राहकों के लिए फायदेमंद पहलों पर भी बजट में जोर दिया जा सकता है। जैसे कि लावारिस पड़े पैसों को वापस करने पर लगातार ध्यान देना और बीमा क्लेम से जुड़ी शिकायतों को ज्यादा मजबूत नियामक निगरानी के जरिए सुलझाना।













