पांच भाषाओं में थिएटर्स में रिलीज होने वाली ‘द राजा साब’ को लेकर सभी एक्साइटेड हैं। ‘बॉलीवुड हंगामा’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मूवी में सभी डायलॉग्स और रोमांटिक सीन्स के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई है। उनको वैसे ही रखा गया है। CBFC ने कोई कटौती नहीं की है। हालांकि जिन दो सीन्स में खून खराबा और हिंसा है, उस पर कैंची जरूर चलाई है।
‘द राजा साब’ के दो सीन पर कैंची चली
रिपोर्ट में बताया गया है कि फर्श पर खून धोने वाले सीन को हटाने या फिर उसे मॉडिफाई करने के लिए कहा गया था। जिसके बाद मेकर्स ने इसे सीन को मोनोक्रोम में तब्दील कर दिया। यानी इसे कलर्ड के बजाय ब्लैक एंड व्हाइट में दिखा दिया। इसके अलावा, दूसरे सीन में एक किरदार का सिर कलम किया जाता है, उसे भी 4 सेकेंड छोटा कर दिया। और उसे फ्लैश विजुअल्स में कन्वर्ट कर दिया गया।
‘द राजा साब’ को मिला सर्टिफिकेट
अब इन बदलावों के बाद सेंसर बोर्ड ने ‘द राजा साब’ को U/A 16+ सर्टिफिकेट दे दिया है। फिल्म की अंतिम लंबाई 189.00 मिनट है, जो लगभग 3 घंटे और 9 मिनट के बराबर है। हालांकि इन सबके बावजूद भी मेकर्स को राहत नहीं है क्योंकि इसका क्लैश थलपति विजय की आखिरी मूवी ‘जन नायकन’ जो हिंदी में ‘जन नेता’ से रिलीज हो रही है, उससे होगा। वह भी 3 घंटे 3 मिनट लंबी है। और लोगों के बीच उसका काफी बज देखने को मिल रहा है।














