लश्कर की टॉप लीडरशिप से मिला हमास आतंकी
रिपोर्ट के अनुसार, हमास आतंकी नाजी जहीर ने गुजरांवाला में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर राशिद अली संधू से मुलाकात की। इसे दोनों आतंकी संगठनों के बीच नए सिरे से जुड़ाव के तौर पर देखा जा रहा है। वीडियो में हमास नेता नाजी जहीर को उस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस कार्यक्रम की मेजबानी पाकिस्तान मिल्ली मुस्लिम लीग (PMML) द्वारा की गई थी। पीएमएमएल लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी है, जिसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए किया जाता है।
पाकिस्तान में हमास आतंकी का वीडियो
पाकिस्तान का लगातार दौरा कर रहा नाजी जहीर
नाजी जहीर वही हमास नेता हैं, जिसने पहलगाम आतंकी हमले से कुछ हफ्ते पहले पिछले साल फरवरी में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का दौरा किया था। जनवरी 2024 में जहीर ने कराची का दौरा किया। अप्रैल 2024 में, उसने इस्लामाबाद की यात्रा की और अक्टूबर 2023 में इजरायल पर हमले के ठीक एक हफ्ते बाद, उसने पाकिस्तान का दौरा किया और खैबर पख्तूनख्वा में देश की सबसे बड़ी इस्लामी राजनीतिक पार्टी जमात उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख मौलाना फजलुर्रहमान से मुलाकात की। बाद में उसने इस्लाम हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के साथ भी एक मीटिंग की, जहां उसका सम्मान किया गया।
भारत के लिए चिंता की बात क्यों
हमास एक खूंखार आतंकी संगठन है, जिसका उद्देश्य इजरायल का नाश है। वहीं, लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान के दूसरे आतंकी संगठन भारत को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं। हमास के पास कई शक्तिशाली हथियार और उनकी तकनीकें हैं, जिसका इस्तेमाल वह इजरायल के खिलाफ करता है। इसमें गाजा में हमास का सुरंग नेटवर्क भी शामिल है, जिससे इजरायल को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। ऐसे में अगर ये हथियार या सुरंग बनाने की अडवांस तकनीक लश्कर जैसे खूंखार आतंकी संगठन के हाथ लगती है तो इससे भारत की चिंता बढ़ सकती है।














