आंध्र प्रदेश सरकार ने TPREL के लिए इफको किसान स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) में 200 एकड़ जमीन दी है। इसमें से 120 एकड़ जमीन इस प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल होगी और बाकी 80 एकड़ भविष्य में विस्तार के लिए रखी जाएगी। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की उस नीति के तहत है जिसका मकसद सोलर उपकरण का भारत में ही उत्पादन बढ़ाना है, ताकि जरूरी पुर्जों के लिए चीन पर निर्भरता कम हो सके।
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1000 लोगों को मिलेगा रोजगार
राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाले स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड ने मंगलवार को इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट इस हफ्ते कैबिनेट की मंजूरी के लिए जाएगा। कंपनी की तरफ से राज्य सरकार को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रोजेक्ट से करीब 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा। आंध्र प्रदेश सरकार TPREL को अपनी फैक्ट्री के लिए ग्रीन एनर्जी सप्लाई करने के लिए 200 MW का एक प्लांट लगाने के लिए भी जमीन देगी। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि ग्रीन एनर्जी की उपलब्धता इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे खास वजह थी।
राज्य के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने कहा, ‘आंध्र प्रदेश को टाटा ग्रुप से एक और बड़ी उपलब्धि की मेजबानी करते हुए गर्व हो रहा है। यह प्रोजेक्ट हमारे राज्य की नीतियों की स्थिरता, तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग के प्रति हमारी प्रतिबद्धता में एक मजबूत विश्वास दिखाता है।’ नारा लोकेश रोजगार सृजन पर बनी कैबिनेट कमेटी के प्रमुख भी हैं।
ओडिशा के हाथ से छिटकी फैक्ट्री
पहले यह कंपनी ओडिशा के गोपालपुर और कटक में भी इस फैक्ट्री को लगाने पर विचार कर रही थी। लेकिन आंध्र प्रदेश ने जमीन की तुरंत उपलब्धता और कृष्णापटनम पोर्ट से नजदीकी का फायदा उठाकर यह प्रोजेक्ट अपने राज्य में लाने में कामयाबी हासिल की। नेल्लोर सोलर मैन्युफैक्चरिंग का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। प्रीमियर एनर्जीज, वेबसोल और वोल्टसन जैसी बड़ी कंपनियां भी वहां अपने प्रोजेक्ट लगा रही हैं।
मार्च में हुआ था एमओयू साइन
पिछले साल 7 मार्च को टाटा पावर रिन्यूएबल ने आंध्र प्रदेश के साथ 49,000 करोड़ रुपये तक के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए एक एमओयू साइन किया था। यह इनगॉट और वेफर प्लांट उसी एमओयू के तहत पहला मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट है। TPREL ने पूरे भारत में कई सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स तैयार किए हैं। इनमें गुजरात के धोलरा में 300 MW का प्लांट, कर्नाटक के पावागढ़ा में 400 MW का यूनिट, राजस्थान के बीकानेर में 450 MW का प्लांट और मध्य प्रदेश के नीमच में 431 MW का डीसी यूटिलिटी प्लांट शामिल है।












