वेनेजुएला पर हमले का तीखा विरोध
ट्रंप का यह बयान वेनेजुएला में अमेरिकी अभियान के बाद आया है, जिसमें अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया था। ट्रंप का पेट्रो से मुलाकात के लिए तैयार होना आश्चर्यजनक है। इसकी वजह है कि कोलंबिया नेता ने जिस मजबूती से वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की आलोचना की है, शायद ही दुनिया के किसी नेता ने की है।
कोलंबियाई राष्ट्रपति पेट्रो ने पड़ोसी देश वेनेजुएला पर हमले को लैटिन अमेरिकी संप्रभुता का घिनौना उल्लंघन और गुलाम बनाने वालों का हमला कहा है। पेट्रो की आलोचना के अपने मायने हैं। खासतौर पर जब कोलंबिया इस इलाके में अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी रहा है। पिछले 30 वर्षों में अमेरिका ने दुनिया में कोकीन के सबसे बड़े उत्पादक कोलंबिया के साथ मिलकर ड्रग तस्करों को पकड़ने, विद्रोही समूहों से निपटने और ग्रामीण इलाकों में आर्थिक विकास के लिए मिलकर काम किया है।
ट्रंप के साथ पेट्रो ने छेड़ी जुबानी जंग
हालांकि, जब दुनिया के बाकी देश वेनेजुएला पर हमले को लेकर सावधानी से अपने शब्द चुन रहे थे, उसी समय पेट्रो ने ट्रंप के साथ जुबानी जंग को बढ़ा दिया। ट्रंप की सैन्य धमकियों के विरोध में पेट्रो ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया, जिसके चलते बुधवार को देश भर में हजारों कोलंबियाई लोग सार्वजनिक जगहों पर जमा हुए।
ट्रंप को गुस्तावो ने किया फोन
कोलंबियाई बेसब्री के साथ गुस्तावो के संबोधन का इंतजार कर रहे थे कि आज वह ट्रंप के ऊपर नया हमला करेंगे। लेकिन कोलंबिया राष्ट्रपति ने सभी को हैरान करते हुए डोनाल्ड ट्रंप की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया। राजधानी बोगोटा में भीड़ को संबोधित करते हुए पेट्रो ने कहा, मैंने आज के लिए भाषण तैयार किया था लेकिन मुझे अब दूसरा भाषण देना होगा।
पेट्रो ने बताया कि कुछ मिनट पहले ही उन्होंने ट्रंप के साथ दोस्ताना बात की थी और समझाया था कि ड्रग तस्करी से उनका एकमात्र संबंध इसके खिलाफ लड़ने की उनकी प्रतिबद्धता है। बता दें कि ट्रंप ने पेट्रो को ड्रग माफिया कहा था। पेट्रो ने बताया कि ‘मैंने हमारी सरकारों के बीच सीधी बातचीत फिर से शुरू करने के लिए कहा है।’ ट्रंप और पेट्रो के बयानों से पता चलता है कि अपने मतभेदों के बावजूद दोनों में बातचीत की मेज पर आने की इच्छा है।














