जब कमरे में खुद को कर लिया था बंद
इंजरी के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के दौरान श्रेयंका गहरे हताशा के दौर में चली गई थीं। उन्होंने बताया, ‘मैंने खुद को दो-तीन महीने तक एक कमरे में बंद कर लिया था। मैं एक एक्सट्रोवर्ट इंसान हूं, लेकिन मैं किसी से बात नहीं कर पा रही थी।’ श्रेयंका को लगा कि उनका करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो रहा है, लेकिन बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (CoE) में उनकी मुलाकात सीनियर खिलाड़ियों से हुई।
बुमराह की वो जादुई सलाह
CoE में रिहैब के दौरान श्रेयंका ने जसप्रीत बुमराह से मिलने की इच्छा जताई। बुमराह ने न केवल उनसे बात की, बल्कि दबाव से निपटने के गुर भी सिखाए। श्रेयंका ने पूछा था कि वे डेथ ओवरों में यॉर्कर का अभ्यास कैसे करते हैं। चोटों पर बुमराह की सलाह को याद करते हुए श्रेयंका ने कहा, ‘बुमराह ने मुझसे कहा, जो तुम झेल रही हो, वह ठीक है। हर खिलाड़ी इससे गुजरता है। बस इसे स्वीकार करो, इससे लड़ो मत, बस इस प्रक्रिया में रहो।’ बुमराह के ये शब्द श्रेयंका के लिए संजीवनी साबित हुए। उन्होंने महसूस किया कि सूर्यकुमार यादव, मयंक यादव और रियान पराग जैसे खिलाड़ी भी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और वे इस लड़ाई में अकेली नहीं हैं।
मैदान पर वापसी और वर्ल्ड कप का सपना
अक्टूबर 2024 में कैरेबियन प्रीमियर लीग के जरिए श्रेयंका ने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की। पहले मैच के बाद उनकी आंखों से निकले आंसू उस एक साल के दर्द और संघर्ष की गवाही दे रहे थे। हालांकि, वे घरेलू मैदान पर हुए वनडे वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं बन पाईं, लेकिन अब उनका लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है। श्रेयंका अब पूरी तरह फिट हैं और उनका पूरा ध्यान इस साल के अंत में यूके में होने वाले T20 वर्ल्ड कप 2026 पर है। उन्हें पूरा विश्वास है कि वे इस बार आईसीसी ट्रॉफी अपने हाथों में उठाएंगी।













