नियमों का ड्राफ्ट तैयार
ईटी टेलिकॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी व इंडिया एआई मिशन के सीईओ अभिषेक सिंह ने बताया है कि एआई कंटेंट पर वॉटरमार्क लगाने के लिए नियमों का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। उन्होंने कहा है कि ऐसा करना इसलिए जरूरी है क्योंकि एआई का गलत इस्तेमाल करके साइबर अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है।
इससे क्या फायदा होगा?
रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा एआई वीडियो जिससे कानून व्यवस्था के बिगड़ने का खतरा हो। समाज में अशांति फैलने का डर हो या बच्चों के यौन शोषण से जुड़े वीडियो, उन्हें रोकने में मदद मिलेगी। अगर यह पहले से पता होगा कि वीडियाे एआई से बना है तो लोगों को जागरूक किया जा सकेगा।
हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें एआई का गलत इस्तेमाल करके लोगों की छवि बिगाड़ने की कोशिश की गई। रश्मिका मंदाना का एआई वीडियो हो या आलिया भट्ट का फेक वीडियो। एआई से बने वीडियो में असली-नकली का फर्क करना चुनौती होता है और अब इसी पर लगाम कसने की तैयारी है।
कब आएंगे नए नियम
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की तरफ से नए संशोधित दिशानिर्देशों को फाइनल रूप दिया जा रहा है। नए फ्रेमवर्क को जल्द लाए जाने की बात कही गई है।
ग्राेक का मामला ताजा उदाहरण
एलन मस्क के एआई ‘ग्रोक’ का उदाहरण ताजा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर ग्रोक एआई से बनाई गई अश्लील तस्वीरों की बाढ़ सी आ गई थी। विवाद बढ़ने पर ऐसे कंटेंट को सरकार ने हटाने का आदेश दिया था और एक्स से इस बारे में जवाब दाखिल करने को कहा था।














