नासा ने बताया है कि ISS पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों में से एक को मेडिकल इमरजेंसी होने के बाद इस को मिशन छोटा किया गया है। नासा ने नए साल के पहले स्पेस वॉक को भी इसी वजह से रद्द करने का फैसला लिया था। हालांकि नासा ने एस्ट्रोनॉट की पहचान और उनकी बीमारी नहीं बताई है।
ISS मिशन पर नासा ने क्या कहा है
वॉशिंगटन में नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइजकमैन ने कहा कि मेडिकल समस्या के बाद क्रू-11 स्पेस मिशन के क्रू सदस्यों को इवैक्यूएट किया गया है। हमारे मेडिकल अधिकारियों ने एस्ट्रोनॉट को वापस बुलाने का फैसला इसलिए किया क्योंकि बीमारी का पता लगाने और इलाज करने की क्षमता इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर नहीं है।
नासा के चीफ हेल्थ एंड मेडिकल ऑफिसर जेम्स पोल्क ने बताया है कि हमारे पास इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर मेडिकल हार्डवेयर का अच्छा सेट है। हालांकि हमारे पास खासतौर से मरीज का पूरा चेकअप करने के लिए सेटअप नहीं है। इस मेडिकल घटना में हमें एस्ट्रोनॉट की चिंता थी और उसका पूरा चेकअप के लिए हमने मिशन बीच में खत्म किया है।
पहली बार निकाला गया बाहर
नासा के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर अमित ने कहा कि यह पहली बार है जब हमने किसी व्हीकल से कंट्रोल्ड मेडिकल इवैक्यूएशन किया है। इसलिए यह असामान्य है। क्रू ने अप्रत्याशित मेडिकल स्थितियों को मैनेज करने के लिए अपनी ऑनबोर्डिंग ट्रेनिंग का इस्तेमाल किया।
अमित ने बताया कि सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श के बाद हमने क्रू 11 को वापस बुलाने का फैसला किया। नासा-स्पेसएक्स क्रू 11 में चार एस्ट्रोनॉट में अमेरिकी सदस्य माइक फिंके और जेना कार्डमैन, जापान के किमिया यूई और रूस के ओलेग प्लाटोनोव हैं।














