दीपेंदर गोयल ने ‘टेंपल’ पर दिया अपडेट
अपने लेटेस्ट एक्स पोस्ट में दीपेंदर ने कहा कि मैं सभी संबंधित डॉक्टरों और इन्फ्लूएंसर्स को याद दिलाना चाहता हूं कि हमने अभी तक ‘Temple’ के बारे में कोई भी सार्वजनिक घोषणा नहीं की है। हमने इसकी बेंचमार्किंग डेटा को भी शेयर नहीं किया है। अभी बहुत सारा काम किया जा रहा है। इस डिवाइस का प्रीव्यू यानी उसे पब्लिक के सामने पेश करने में अभी काफी वक्त है।
दीपेंदर ने लोगों को ऐसी ‘अनवैलिडेटेड’ डिवाइस नहीं खरीदने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि अभी कुछ भी प्री-ऑर्डर नहीं किया जा रहा। दीपेंदर ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर वो टेंपल को बेचने का फैसला करते हैं तो उससे पहले इसका सारा साइंस बताया जाएगा। दीपेंदर ने टेंपल को लेकर जगी उत्सुकता के लिए धन्यवाद देते हुए लोगों से भारतीय स्टार्टअप्स का हौसला बढ़ाने की अपील की है।
राज शमानी के पॉडकास्ट से सुर्खियों में डिवाइस
टेंपल को लेकर कुछ महीनों से जानकारियां सामने आ रही हैं। हाल के दिनों में इस डिवाइस को लेकर इसलिए अधिक चर्चा हुई है, क्योंकि दीपेंदर इसे लगाकर राज शमानी के पॉडकास्ट में करीब साढ़े 4 घंटे बैठे रहे। तभी से यह कहा जाने लगा कि डिवाइस तैयार है और बहुत जल्द इसे पेश किया जा सकता है। हालांकि अब दीपेंदर ने सभी चर्चाओं को विराम देते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि ‘टेंपल’ की लॉन्चिंग में समय लगेगा और कंपनी इसे लेकर किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं है। वह जांच-परखने और सभी पहलुओं को टटोलने के बाद ही टेंपल को मार्केट में लाने की प्लानिंग रखती है।
किस काम में इस्तेमाल होगा ‘टेंपल’
टेंपल के जरिए दीपेंदर गोयल की कंपनी हेल्थ-टेक कैटिगरी में एंट्री कर सकती है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस डिवाइस की मदद से किसी व्यक्ति के दिमाग में बहने वाले खून की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। राज शमानी के पॉडकास्ट में दीपेंदर ने कथित ‘टेंपल’ डिवाइस को अपने कान और आंख के बीच में लगाया था। कहा जाता है कि टेंपल अपने यूजर के ब्रेन ब्लड फ्लो को समझने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी इस्तेमाल करेगी। इसमें 4 सेंसर लगे होंगे जो ब्लड फ्लो की मॉनिटरिंग करेंगे।














