ग्लोबल फायरपावर 2025 सैन्य रैंकिंग में 145 देशों का अध्ययन किया गया है। इस अध्ययन में 60 से अधिक अलग-अलग कारकों का विश्लेषण किया गया है। जिनमें लड़ाकू विमान, युद्धपोत और पनडुब्बियों से लेकर सैन्य बजट और लॉजिस्टिक तक पहुंच शामिल है। इसके आधार पर रैंकिंग में शामिल सभी देशों का एक निश्चित पावरइंडेक्स (PwrIndx) स्कोर ज्ञात किया गया है। इसी के आधार पर दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली देशों की सूची तैयार की गई है।
2025 में 10 सबसे शक्तिशाली सेनाएं
| क्रम संख्या | देश का नाम | पावरस्कोर |
| 1 | अमेरिका | 0.0744 |
| 2 | रूस | 0.0788 |
| 3 | चीन | 0.0788 |
| 4 | भारत | 0.1184 |
| 5 | दक्षिण कोरिया | 0.1656 |
| 6 | यूनाइटेड किंगडम | 0.1785 |
| 7 | फ्रांस | 0.1878 |
| 8 | जापान | 0.1839 |
| 9 | तुर्की | 0.1902 |
| 10 | इटली | 0.2164 |
अमेरिका (पावरइंडेक्स: 0.0744)
ग्लोबल फायरपावर 2025 सैन्य रैंकिंग में अमेरिका शीर्ष पर है। अमेरिका के पास दुनिया की सबसे उन्नत और तकनीकी रूप से अडवांस सेना है। अमेरिका की हवाई शक्ति, नौसैनिक ताकत बेजोड़ है। उसके पास जमीनी सैन्य ठिकानों का एक वैश्विक नेटवर्क भी है।
रूस (पावरइंडेक्स: 0.0788)
रूस के पास दुनिया की दूसरी सबसे शक्तिशाली सेना है। रूसी सेना के पास टैंक, तोपखाने और परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा भंडार है। इसके पास स्ट्रैटजिक मिसाइल फोर्स भी है, जो दुनिया में अद्वितीय है। रूस की सैन्य ताकत इसके परमाणु हथियार, पनडुब्बियों और मिसाइलों के कारण लगातार बढ़ रही है।
चीन (पावरइंडेक्स: 0.0788)
चीन सैन्य शक्ति के मामले में रूस के साथ लगभग बराबर है। उसने अपनी सेना का बड़े पैमाने पर और तेजी से आधुनिकीकरण किया है। आज चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा नौसैनिक बेड़ा है। चीन के पास मिसाइलों का भी विशाल भंडार है। इसके अलावा परमाणु हथियारों के मामले में भी चीन तीसरे स्थान पर है।
भारत (पावरइंडेक्स: 0.1184)
भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति है। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी सक्रिय सेनाओं में से एक है। भारत की सैन्य शक्ति का मुख्य आधार बढ़ता घरेलू रक्षा उद्योग, रणनीति और भौगोलिक स्थित के साथ आयातित और स्थानीय रूप से उत्पादिक हथियारों का विशाल भंडार है।
दक्षिण कोरिया (पावरइंडेक्स: 0.1656)
उत्तर कोरिया के खतरे का सामना करते हुए दक्षिण कोरिया ने एक अत्यधिक उन्नत, अच्छी तरह से सुसज्जित सेना विकसित की है। दक्षिण कोरिया की सैन्य ताकत घरेलू रक्षा उद्योग, उन्नत सैन्य तकनीक और एक बड़ी रिजर्व फोर्स से बढ़ी है। दक्षिण कोरिया के पास आधुनिक लड़ाकू विमान और जमीनी सिस्टमों का भी भंडार है।
यूनाइटेड किंगडम (पावरइंडेक्स: 0.1785)
UK की मिलिट्री पावर की खासियत उसकी एलीट, एक्सपेडिशनरी-फोकस्ड फोर्सेज और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी है। इसके आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर, न्यूक्लियर सबमरीन फ्लीट और स्पेशल ऑपरेशंस यूनिट्स इसकी ग्लोबल पहुंच शामिल हैं।
फ्रांस (पावरइंडेक्स: 0.1878)
फ्रांस दुनिया का सातवां सबसे शक्तिशाली देश है। इसके पास एक अडवांस मिलिट्री इंडस्ट्रियल कॉप्लेक्स भी है, जहां फाइटर जेट से लेकर परमाणु पनडुब्बियां सब कुछ बनते हैं। फ्रांस के पास मिसाइलों का भी विशाल भंडार है।
जापान (पावरइंडेक्स: 0.1839)
जापान की सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज दुनिया में सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजिकली एडवांस्ड है। जापान की सैन्य ताकत खासकर नौसेना और एंटी-सबमरीन युद्ध में बहुत अधिक है। स्पेस और साइबर वारफेयर जैसे क्षेत्रों में भी जापान ने काफी प्रगति की है। उसने अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लिए बजट में भी बहुत इजाफा किया है।
तुर्की (पावरइंडेक्स: 0.1902)
तुर्की NATO में दूसरी सबसे बड़ी स्थायी सेना होने का दावा करता है। इसकी सेना अनुभवी और तेजी से आत्मनिर्भर हो रही है। तुर्की को बढ़ते घरेलू डिफेंस इंडस्ट्री का सपोर्ट मिल रहा है जो ड्रोन, जहाज और बख्तरबंद गाड़ियां बनाती है।
इटली (पावरइंडेक्स: 0.2164)
इटली एक सक्षम और संतुलित सेना के साथ टॉप दस में शामिल है। इसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर वाली एक शक्तिशाली नौसेना, एक आधुनिक वायु सेना है। यह देश NATO और भूमध्यसागरीय सुरक्षा ऑपरेशंस में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।














