37 मिनट का वह शर्मनाक मुकाबला
नैरोबी के इस पेशेवर टूर्नामेंट में अब्देलकादर का मुकाबला बेहद अजीब रहा। वह केवल 37 मिनट में 6-0, 6-0 से मैच हार गईं। पूरे मैच के दौरान वह केवल तीन अंक ही जीत पाईं और उन्होंने 20 डबल फॉल्ट किए। उनकी खेल शैली देखकर ऐसा लग रहा था जैसे उन्हें टेनिस के बुनियादी नियमों की भी जानकारी नहीं है। यहां तक कि उनकी प्रतिद्वंद्वी को उन्हें यह बताना पड़ा कि सर्विस के लिए कोर्ट की किस तरफ खड़ा होना है। पेशेवर टेनिस किट के बजाय साधारण लेगिंग और टी-शर्ट पहनकर खेलने उतरीं अब्देलकादर की यह विफलता सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गई।
मिस्र फेडरेशन का पल्ला झाड़ना
इस घटना के बाद सबसे बड़ा विवाद उनकी पहचान को लेकर शुरू हुआ। हालांकि वह मिस्र के झंडे तले खेल रही थीं, लेकिन मिस्र टेनिस फेडरेशन ने उन्हें पहचानने से साफ इनकार कर दिया है। फेडरेशन के सचिव वालिद सामी के अनुसार, अब्देलकादर उनके यहां पंजीकृत खिलाड़ियों में शामिल नहीं हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि खिलाड़ी ने संभवतः पहले कभी पेशेवर टेनिस नहीं खेला है। फेडरेशन का मानना है कि वह शायद केन्या में ही रहती हैं और उनका मिस्र के राष्ट्रीय कार्यक्रमों से कोई लेना-देना नहीं है।
वाइल्डकार्ड एंट्री पर उठे सवाल
सवाल यह उठता है कि £22,000 (लगभग ₹24 लाख) की इनामी राशि वाले इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में उन्हें प्रवेश कैसे मिला? टेनिस केन्या ने स्वीकार किया है कि उन्होंने एक अन्य खिलाड़ी के हटने के बाद अब्देलकादर को वाइल्डकार्ड एंट्री दी थी। आयोजकों का कहना है कि उन्होंने खिलाड़ी द्वारा दी गई जानकारी और अफ्रीका में टेनिस विकास को बढ़ावा देने के आधार पर यह निर्णय लिया था। हालांकि, अब टेनिस केन्या ने अपनी गलती मानते हुए स्वीकार किया है कि यह वाइल्डकार्ड नहीं दिया जाना चाहिए था।
यह घटना दिखाती है कि खेल की दुनिया में साफ-सुथरे कामकाज और खिलाड़ियों की पहचान की जांच में कितनी कमी है। जहां एक तरफ पेशेवर खिलाड़ी सालों तक अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, वहीं एक अनजान खिलाड़ी का इतने बड़े टूर्नामेंट के मुख्य मुकाबले तक पहुंच जाना और हारकर भी इनामी राशि पाना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। फिलहाल, हाजर अब्देलकादर कौन हैं और उनका खेल का इतिहास क्या है, यह अभी भी एक राज बना हुआ है।














