• National
  • मोदी चीन के लिए बिछा रहे रेड कॉरपेट, ट्रंप के सामने किया सरेंडर; कांग्रेस ने विदेश नीति पर सरकार को घेरा

    नई दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को उन खबरों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है, जिनमें कहा गया है कि सरकार चीनी कंपनियों पर लगे 5 साल पुराने प्रतिबंधों को हटाने की योजना बना रही है। खरगे ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 9, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्लीः कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को उन खबरों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है, जिनमें कहा गया है कि सरकार चीनी कंपनियों पर लगे 5 साल पुराने प्रतिबंधों को हटाने की योजना बना रही है। खरगे ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह अस्थिर बताया और कहा कि सरकार का रुख पेंडुलम की तरह कभी इधर तो कभी उधर डोलता रहता है।

    गलवान में शहीद जवानों का अपमान

    खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के पुराने वादे ‘मैं देश को झुकने नहीं दूंगा’ पर तंज कसते हुए कहा कि आज जो हो रहा है वह ठीक इसके उलट है। उन्होंने ‘X’ पर लिखा कि गलवान में शहीद हुए वीर भारतीय सैनिकों के बलिदान का अपमान तभी हो गया था, जब मोदी जी ने चीन को ‘क्लीन चिट’ दे दी थी। अब चीनी कंपनियों के लिए ‘रेड कार्पेट’ बिछाकर वे यह दिखा रहे हैं कि उनकी ‘लाल आंख’ में असल में कितना गहरा ‘लाल रंग’ छिपा है।

    मोदी की चुप्पी अमेरिका के सामने सरेंडर की निशानी

    कांग्रेस अध्यक्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के रूसी तेल निर्यात पर की गई टिप्पणियों पर पीएम मोदी की चुप्पी को ‘सरेंडर’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप रोजाना भारत के रूसी तेल व्यापार पर कमेंट कर रहे हैं, लेकिन मोदी जी खामोश हैं। वह अपनी नजरें चुरा रहे हैं। यह चुप्पी राष्ट्रीय हितों से समझौता है। मोदी सरकार ने भारत की गुटनिरपेक्ष और स्वतंत्र विदेश नीति को गहरा धक्का पहुंचाया है।’ खरगे ने आरोप लगाया कि विदेश नीति में इस उतार-चढ़ाव की भारी कीमत भारत की जनता को चुकानी पड़ रही है।

    भारत-चीन रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश में जुटे

    बता दें कि चीनी कंपनियों पर ये पाबंदियां 2020 में गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष के बाद लगाई गई थीं। लेकिन अब अमेरिका के दबाव और बदलते हालातों के बीच भारत और चीन अपने रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले साल पीएम मोदी की चीन यात्रा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई मुलाकात के बाद से ही दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।