दिल्ली पहुंचे सर्जियो गोर
38 वर्षीय सर्जियो गोर पहले व्हाइट हाउस में पर्सनल डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं। इसी के बाद उन्हें अगस्त में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत में अगला राजदूत नियुक्त किया। डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी और प्रशासन में महत्वपूर्ण प्रभाव रखने वाले सर्जियो गोर को अहम जिम्मेदारी मिलने के बाद उम्मीद की जा रही कि वे एक संवेदनशील राजनयिक दौर में वाशिंगटन की भारत नीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे दोनों देशों के नाजुक रिश्तों को संभालने में खास रोल निभा सकते हैं।
यूएस राजदूत बनने के बाद दूसरा दौरा
अमेरिकी सीनेट ने उन्हें अक्टूबर में मंजूरी दी थी और नवंबर के मध्य में उन्होंने राजदूत पद की शपथ ली। भारत आने से पहले, सर्जियो गोर अक्टूबर में छह दिन के लिए भारत आए थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी। हाल ही में भारत और अमेरिका के रिश्तों में कुछ तनाव देखने को मिला था। इसकी शुरुआत तब हुई जब ट्रंप सरकार ने भारतीय सामानों पर भारी टैक्स लगा दिया था।
भारत-अमेरिका तनाव के बीच संभाली जिम्मेदारी
ट्रंप सरकार ने कुछ चीजों पर 50 फीसदी और भारत की ओर से रूस से कच्चा तेल खरीदने पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैक्स लगा दिया था। भारत ने इन कदमों को ‘अनुचित, अतार्किक और अवांछित’ बताया है। फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले सर्जियो गोर की नियुक्ति को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम बताया था।
सर्जियो गोर के शपथ ग्रहण के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि मैं सर्जियो पर भरोसा कर रहा हूं कि वह हमारे देश के सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संबंधों में से एक – भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में मदद करेंगे।














