वेब सीरीज ‘मिसमैच्ड’ की डिंपल के रूप में ऐक्टिंग करियर शुरू करने वाली यूट्यूबर टर्न ऐक्ट्रेस प्राजक्ता कोली फिल्म जुग जुग जियो से लेकर हालिया सीरीज सिंगल पापा तक में शादी की तैयारी में जुटी दुल्हन के किरदार में दिखाई दीं। वहीं, इस साल वह असल जिंदगी में भी लॉन्ग टाइम बॉयफ्रेंड वृशांक खलान की दुल्हनिया बन गईं। ऐसे में, स्क्रीन पर बार-बार लहंगा पहनने के अनुभव पर प्राजक्ता ने बताया कि वैसे तो उन्हें लहंगे में रेडी होने में बड़ा मजा आता है, लेकिन एक शो की शादी वाले लहंगे से उन्हें इतनी नफरत हो गई थी कि वह उसे जला देना चाहती थीं।
उस लहंगे से नफरत हो गई थी
बकौल प्राजक्ता, ‘मुझे लहंगे से दिक्कत नहीं है। लहंगा पहनकर मजा ही आता है, मगर सिंगल पापा वेब सीरीज हमने जहां शूट की, वहां थोड़ी दिक्कत हुई। यह सीरीज हमने रणथंभौर में मई की गर्मी में 48 डिग्री तापमान में शूट किया। हालांकि, इसमें भी मेरा लहंगा बहुत सुंदर है पर आखिर तक मुझे उससे इतनी नफरत हो गई थी कि मैंने हमारे कॉस्ट्यूम डिजाइनर को बोला था कि क्या पैकअप के बाद मैं इसे जला सकती हूं। मुझे इसे इतनी नफरत है कि मुझे इसे जलाकर इसके इर्द गिर्द नाचना है (हंसती हैं), वरना बाकी सब मजेदार था।’
शादी बहुत खूबसूरत अहसास
वहीं, असल जिंदगी में शादी के बाद क्या खास और अलग महसूस कर रही हैं? इस बारे में वह बताती हैं, ‘शादी मेरे लिए तीन दिन की पार्टी थी और वो हो गई। मैं मेरे पार्टनर वृशांक के साथ पिछले 14 साल से हूं तो पहले 13 साल हमने जिस चीज को बिल्ड किया था, अब उसे इंजॉय कर पा रहे हैं क्योंकि इतने सालों में पहली बार हम साथ रहे रहे हैं। मेरे लिए तो शादी के बाद के ये पिछले नौ-दस महीने बहुत खूबसूरत रहे हैं। मेरे लिए शादी एक खूबसूरत अहसास है क्योंकि मुझे ऐसा शख्स मिला जिसके साथ मैं बहुत खुश हूं। हमने साथ में समय लिया, फिर इस साल की शुरुआत में हमने शादी की।’
पैरंट्स के साथ न रहना खलता है
वहीं, शादी के बाद के बदलावों पर प्राजक्ता आगे कहती हैं, ‘शादी के बाद अगर किसी बदलाव से मैं जूझ रही हूं तो वो यह है कि मैं अपने मम्मा-पापा के साथ नहीं रहती। मेरे लिए वह सबसे मुश्किल बात थी। बाकी के बदलावों को तो वृशांक ने मेरे लिए बहुत आसान बना दिया लेकिन अपने पैरंट्स से अलग रहना मेरे लिए बहुत मुश्किल रहा है।’ वहीं, शादी को पुरानी संस्था करार देने के सवाल पर उनका कहना है, ‘यह हर इंसान के निजी अनुभव और सोच पर निर्भर करता है। मुझे नहीं लगता कि कोई यंग लड़का या लड़की यह सोचता/सोचती होगी कि मुझे इसलिए शादी नहीं करनी क्योंकि यह एक पुरानी संस्था हो चुकी है। यह बेशक हो सकता है कि उसने अपने घर पर ऐसा कुछ देखा हो, जिससे वह इस रिश्ते में न पड़ना चाहे या उसे ऐसा कोई मिला नहीं, मगर मुझे लगता है कि इस सोच को जनरलाइज करना सही नहीं है।’
मराठी फिल्म करने का सपना हुआ पूरा
नए साल में प्राजक्ता की एक पुराना सपना भी सच होने जा रहा है, जिसे लेकर वह खासी उत्साहित हैं। वह बताती हैं, ’12 साल पहले जब मैं कॉलेज में थी, तब मराठी थिएटर करती थी। मैंने महाराष्ट्र और पूरे देश में करीब 150 शोज किए थे। इजरायल में भी हमने शो परफॉर्म किया था, लेकिन रेडियो में काम शुरू करने के बाद मैंने वह बंद कर दिया था। हालांकि, मेरा तब से मन था कि मैं कभी मराठी फिल्म करूं क्योंकि वो मेरी मातृभाषा भी है। इस साल के पहले दिन ही मेरी पहली मराठी फिल्म रिलीज हो रही है, जिसके लिए मैं बहुत एक्साइटेड हूं।’












