टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, ईरान में चल रहे सरकार विरोधी आंदोलन में यूएस के दखल की संभावना को देखते हुए इजरायल हाई अलर्ट पर है। ईरान के संसद अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उनकी जमीन पर हमला करता है तो जवाब में अमेरिकी सेना और इजरायल उनकी आर्मी के निशाने पर होंगे। इसके बाद इजरायल में अलर्ट है।
ट्रंप ने फिर दिया बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि ईरान में जो हालात बने हुए हैं, उसमें उनका देश दखल दे सकता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा है, ‘ईरान स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा है और अमेरिका इसमें प्रदर्शनकारियों की हर तरह की मदद के लिए तैयार है।’
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी अधिकारी लगातार कह रहे हैं कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या होती है, तो अमेरिका इस मामले में कूद जाएगा। ट्रंप प्रशासन की ओर से कहा गया है कि उनका ईरान में सेना भेजने का मकसद नहीं है। ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान में ऐसी जगहों पर वार करेंगे, जो सबसे ज्यादा नुकसान करेगा।
ईरान ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप प्रशासन के उन बयानों की निंदा की है, जिनमें तेहरान में दखल की बात कही गई है। ईरान के मंत्रालय ने कहा कि ये बातें चीजों को खराब करने वाली और लोगों को गुमराह करने वाली हैं। इससे साफ होता है कि अमेरिका ईरानी जनता के प्रति दुश्मनी रखता है। हम किसी भी दखल का कड़ा जवाब देंगे।
ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में बीते दो हफ्ते से प्रदर्शन हो रहे हैं। ये प्रदर्शन देश की मुद्रा रियाल आई गिरावट और आर्थिक परेशानियों के चलते शुरू हुए। ये प्रदर्शन अब काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों की ओर से हिंसा और तोड़फोड़ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।













