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  • सऊदी अरब नहीं उड़ाएगा पाकिस्‍तान का चीनी ‘कबाड़’ JF-17 फाइटर जेट, फिर क्‍यों खरीद रहा? खुलासा

    रियाद: सऊदी अरब और पाकिस्‍तान के बीच रक्षा समझौते के बाद अब एक और बड़ी डील होने जा रही है। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक सऊदी अरब पाकिस्‍तान को दिए अपने 2 अरब डॉलर के लोन के बदले जेएफ-17 फाइटर जेट खरीद सकता है। बताया जा रहा है कि यह पूरी डील 4 अरब


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    By Azad Hind Desk जनवरी 12, 2026
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    रियाद: सऊदी अरब और पाकिस्‍तान के बीच रक्षा समझौते के बाद अब एक और बड़ी डील होने जा रही है। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक सऊदी अरब पाकिस्‍तान को दिए अपने 2 अरब डॉलर के लोन के बदले जेएफ-17 फाइटर जेट खरीद सकता है। बताया जा रहा है कि यह पूरी डील 4 अरब डॉलर की हो सकती है। इस डील को लेकर खुलासे के बाद से एक्‍सपर्ट सऊदी अरब की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। सऊदी अरब खाड़ी देशों में अमेरिका का सबसे बड़ा सहयोगी देश है। वहीं जेएफ-17 फाइटर जेट को पाकिस्‍तान ने चीनी तकनीक के आधार पर बनाया है। इसमें रूस का बनाया हुआ इंजन लगा हुआ है। इसी वजह से सऊदी अरब और पाकिस्‍तान की डील को लेकर अटकलों का बाजार गरम था। अब खुलासा हुआ है कि सऊदी अरब जेएफ-17 फाइटर जेट को पाकिस्‍तान से खरीदकर उसे सूडान को दे सकता है।

    डिफेंस ब्‍लॉग की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब सूडान की मदद के लिए यह फाइटर खरीद सकता है। सूडान इन दिनों यूएई और इजरायल के समर्थन आरएसएफ मिल‍िशिया के हमलों से जूझ रहा है। इसको लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच काफी तनाव चल रहा है। पाकिस्‍तान और सऊदी अरब के बीच सरकार के स्‍तर पर बातचीत चल रही है। पाकिस्‍तान को सऊदी अरब ने कई बार अरबों डॉलर देकर डिफाल्‍ट होने से बचाया है। सऊदी अरब ने इजरायल के कतर पर हमले के बाद परमाणु बम से लैस पाकिस्‍तान के साथ रक्षा समझौता भी किया है।

    सूडान और सऊदी अरब में गहरे संबंध

    पाकिस्‍तान ने जेएफ-17 फाइटर जेट को म्‍यांमार और नाइजीरिया दोनों देशों को बेचा है और ये दोनों ही इस चीनी फाइटर जेट से परेशान हैं। पाकिस्‍तान इसे सरकारों के साथ समझौता करके सप्‍लाई करता है। सूडान और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक और धार्मिक संबंध बहुत गहरे हैं। सूडान इस समय गृहयद्ध से जूझ रहा है। सऊदी अरब सूडान की सेना का सपोर्ट कर रहा है जो आरएसएफ के हमलों से जूझ रही है। आरएसएफ या रैपिड सपोर्ट फोर्स को यूएई का सपोर्ट है।

    साल 2023 में सूडान में गृहयुद्ध शुरू होने के बाद आरएसएफ ने यूएई की मदद से काफी इलाके पर कब्‍जा कर लिया है। सऊदी अरब सूडानी सेना की कोई खास मदद नहीं कर पाया है। सूडान के जिन इलाकों में सोना पाया जाता है, उसके बड़े हिस्‍से पर अब आरएसएफ का कब्‍जा है। फरवरी 2025 में जब आरएसएफ ने नई सरकार के गठन का ऐलान किया तो सऊदी अरब ने सार्वजनिक रूप से इसका विरोध किया। सूडानी सेना के नेता जनरल अब्‍देल फतह अल बुरहान ने सऊदी अरब की यात्रा की। जनरल बुरहान ने सऊदी प्रिंस के साथ मुलाकात की थी।

    पाकिस्‍तान पर भड़क सकता है यूएई

    रिपोर्ट के मुताबिक अब सऊदी अरब सूडान को जेएफ-17 फाइटर जेट दिलाने में मदद कर रहा है। सऊदी अरब चाह रहा है कि इन फाइटर जेट की मदद से सूडानी सेना को फिर से मजबूत किया जाए। अभी सऊदी अरब या पाकिस्‍तान ने इस लोन के बदले जेएफ-17 फाइटर जेट डील की पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि अभी दोनों देशों के बीच इसको लेकर बातचीत चल रही है। पाकिस्‍तान अगर सऊदी अरब के साथ यह डील करता है तो इससे यूएई भड़क सकता है जो बड़े पैमाने पाकिस्‍तान को आर्थिक सहायता देता है।

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