लोकसभा ने 6 साल में बचाए 1000 करोड़ रुपए
2019 से 2025 तक संसद में लोकसभा ने करीब एक हजार करोड़ रुपए की बचत की। यह पैसा कई ऐसी चीजों के लिए बचाया गया। जहां उसकी जरूरत महसूस नहीं की जा रही थी। ऐसे में जनता के इस धन को बचाया गया। आगे भी इस तरह की प्रैक्टिस चलती रहेगी। इसमें कई जगह ऐसा देखने को मिलता था कि जहां गुलदस्तों, फूलों और अन्य साजो-सामान की जरूरत नहीं भी होती थी।
वहां भी इनके बंदोबस्त किए जाते थे। और भी कई मदों में इस तरह से खर्चों में कटौती की गई। जहां इनकी जरूरत नहीं थी। लोकसभा स्पीकर बिरला ने कहा कि संसद सदस्यों के लिए जो भी जरूरी सुविधाएं और सेवाएं होंगी। उनमें कोई कटौती नहीं की जाएगी। जहां पैसा बचाया जा सकता है, केवल वहीं ऐसा किया जा रहा है।
लोकसभा में रचा जाएगा इस बार इतिहास
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि इस बार के बजट सत्र में लोकसभा में इतिहास रचा जाएगा। ऐसा पहली बार होगा जब बजट सत्र के दौरान संसद के सदस्य सभी 22 भाषाओं में बोलेंगे। इससे सदन में भाषाओं की अनूठी सुंदरता भी सुनने और देखने को मिलेगी। इसके लिए सदस्यों से कहा भी जा रहा है कि वह अपनी भाषाओं में बोलें।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा में पहली बार कार्यवाही का 22 भाषाओं में समानांतर अनुवाद किया जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि 2027 में इन सभी भाषाओं में कार्यवाही का प्रसारण किया जाए। इस बार एआई के माध्यम से सदस्यों को समस्त परिपत्र 22 भाषाओं में उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संसद की कार्यवाही का लिखित पाठ आधे घंटे में उपलब्ध हो जाएगा।
सांसदों को एक दिन पहले ही मिलेंगे जवाब
लोकसभा स्पीकर बिरला ने बताया कि अभी तक सांसदों को उनके लिखित प्रश्न का उत्तर सुबह 9:30 बजे तक मिलता था। लेकिन प्रयास किया गया है कि अब उन्हें एक दिन पहले रात में ही उत्तर मिल जाए। ताकि वह उसका अध्ययन कर उसके लिए पहले से ही पूरक प्रश्न तैयार कर सकें। संसद में विधेयक पेश किए जाने से कई बार ऐन पहले उसकी प्रति दिए जाने के संबंध में कुछ विपक्षी सदस्यों की चिंताओं को लेकर सवाल पूछा गया।
इस पर स्पीकर ने कहा कि मेरा भी मत है कि सदस्यों को विधेयक मिलने के बाद उस पर चर्चा में भाग लेने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। जिससे वह तैयारी कर सकें। उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित विभागों के मंत्रियों से कहा गया है कि नियम-प्रक्रिया के तहत विधेयक पेश करने से पहले सदस्यों को उसके अध्ययन के लिए जितना समय मिलना चाहिए। उन्हें उतरा समय दिया जाए।
सभी विधानसभाओं को 100% डिजिटल का प्रयास
स्पीकर बिरला ने यह भी बताया कि आने वाले समय में डिजिटल संसद पर अब तक के सभी बजट उपलब्ध होंगे। वह यह भी प्रयास कर रहे हैं कि देश के सभी राज्यों की विधानसभाओं को भी शत-प्रतिशत डिजिटल किया जा सके। पुराने संसद भवन का क्या होगा? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अलग-अलग विशेषज्ञों से इस बारे में चर्चा की जा रही है। एक्सपर्ट की राय पर संसद की जनरल बॉडी। जिसमें सदन में दलों के नेता होते हैं। उसकी बैठक में चर्चा होगी और पुराने संसद भवन के बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
ई-सिगरेट के इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई
लोकसभा में एक संसद सदस्य द्वारा कथित रूप से ई-सिगरेट का इस्तेमाल करने वाले सवाल के जवाब में उन्होंने कड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि संसद की मर्यादा नहीं रखने पर नियम और प्रक्रियाओं के तहत कार्रवाई होगी। इसमें सस्पेंड करने समेत सदस्य की सदस्यता जा सकती है।
पहले भी (ऐसे मामलों में सदस्यों की) सदस्यता गई है। इसमें भी तय नियम प्रक्रियाओं के तहत ऐसा हो सकता है। लेकिन यह सब जांच का विषय है। जिसमें जांच पूरी होने के बाद समिति की सिफारिश पर ही कोई कार्रवाई होगी। मालूम हो कि इस मामले में संसद के शीतकालीन सत्र में बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक सांसद पर सदन में ई-सिगरेट पीने का आरोप लगाया था।
एआई का नौकरियों का क्या असर होगा?
भाषा के अनुवाद को एआई से कराने के प्रयास के तहत वर्तमान में जो इंटरप्रीटर हैं। उनकी नौकरियों का क्या होगा? आज़ाद हिन्द द्वारा पूछे गए इस सवाल के जवाब में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि वह सब कांट्रेक्ट पर हैं। उनकी कोशिश लोकसभा में संसाधनों के साथ और अधिक बेहतर करना है। अधिकारियों ने कहा कि पिछले करीब छह सालों में लोकसभा में कोई नई भर्ती नहीं की गई है। लेकिन जरूरत के मुताबिक लोगों को नौकरियों पर रखा भी जा रहा है। भाषा ट्रांसलेट में एआई के प्रयोग को भी जब तक पूरी तरह से लागू नहीं किया जाएगा। तब तक की एआई का रिजल्ट पूरी तरह से बिना किसी त्रुटि के संतोषजनक नहीं आ जाता।













